फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Assam: वित्तीय अनियमितताओं पर सहकारी बैंक के एमडी से सवाल पूछना पत्रकार को पड़ा भारी, पुलिस ने किया गिरफ्तार

Wed, 26 Mar 2025 12:16 PM IST
दीपक कुमार शर्मा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, गुवाहाटी

सार

असम कोऑपरेटिव एपेक्स बैंक लिमिटेड के एमडी से कथित वित्तीय अनियमितताओं पर सवाल पूछने के बाद एक पत्रकार को गिरफ्तार किया गया है। हालांकि, पत्रकार की शिकायत पर अभी तक कोई कार्रवाई नहीं की गई है। कई मीडिया संगठनों ने गिरफ्तारी की निंदा करते हुए विरोध प्रदर्शन की योजना बनाई है। 
 
विज्ञापन
सांकेतिक तस्वीर - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

असम में एक डिजिटल समाचार पोर्टल के पत्रकार को सहकारी बैंक के एमडी से सवाल पूछना भारी पड़ गया। पत्रकार ने विरोध प्रदर्शन के दौरान एमडी से संस्था में कथित वित्तीय अनियमितताओं को लेकर पूछताछ की थी। इसके बाद, पुलिस ने पत्रकार को पकड़ लिया और उसे नौ घंटे से अधिक समय तक हिरासत में रखने के बाद गिरफ्तार कर लिया। हालांकि, कई मीडिया संगठनों ने गिरफ्तारी का विरोध करते हुए विरोध प्रदर्शन की योजना बनाई है। इसके अलावा, कांग्रेस, रायजोर दल और असम जातीय परिषद जैसी विपक्षी पार्टियों ने भी पत्रकार की तत्काल रिहाई की मांग की है। 

विज्ञापन


गुवाहाटी स्थित असम कोऑपरेटिव एपेक्स बैंक लिमिटेड में कथित वित्तीय अनियमितताओं का आरोप लगा है। मामले को लेकर मंगलवार को असम जातीय परिषद की युवा शाखा जातीय युवा शक्ति (जेवाईएस) ने बैंक के सामने धरना लगाया था। इस दौरान 'द क्रॉस करंट' के मुख्य संवाददाता दिलवर हुसैन मोजुमदार ने बैंक एमडी से पूछताछ की थी। 

पानबाजार पुलिस स्टेशन बुलाने के बाद हुई गिरफ्तारी
पुलिस के अनुसार, गुवाहाटी प्रेस क्लब के सहायक महासचिव मोजुमदार को मंगलवार दोपहर पानबाजार पुलिस स्टेशन बुलाया गया। हिरासत में रखने के बाद उन्हें भारतीय दंड संहिता (बीएनएस) की विभिन्न धाराओं के तहत आधी रात के बाद गिरफ्तार कर लिया गया। इनमें धमकी देने, अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम से संबंधित धाराएं शामिल हैं। 
विज्ञापन


शिकायत में जानबूझकर टिप्पणियां करने का आरोप
मोजुमदार को एक शिकायत के आधार पर गिरफ्तार किया गया, जिसका नाम एफआईआर में नहीं बताया गया है। शिकायत में आरोप लगाया गया है कि पत्रकार ने शिकायतकर्ता, जो अनुसूचित जनजाति (एसटी) से हैं, का अपमान करने के लिए जानबूझकर टिप्पणियां की थीं। पुलिस ने कहा कि गिरफ्तारी आवश्यक थी ताकि गवाहों को प्रभावित करने और सबूतों के साथ छेड़छाड़ को रोका जा सके।

पत्रकार की शिकायत नहीं की गई दर्ज
उधर, पत्रकार ने भी पुलिस को एक शिकायत दी, लेकिन उनकी शिकायत अभी तक दर्ज नहीं की गई है, जिसमें आरोप लगाया गया है कि एमडी के चैंबर के अंदर विरोध प्रदर्शन की एक वीडियो रिकॉर्डिंग को हटा दिया गया था। उन्होंने पत्रकार से यह सुनिश्चित करने के लिए भी कहा था कि प्रदर्शन बंद हो जाएं। 
विज्ञापन


संबंधित वीडियो

विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें