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Assam: असम में चुनावी माहौल के बीच बयानबाजी तेज, गौरव गोगोई बोले- हिमंता और अजमल एक ही सिक्के के दो पहलू

Mon, 30 Mar 2026 11:04 PM IST
Himanshu Singh Chandel न्यूज डेस्क, अमर उजाला, गुवाहाटी

सार

असम में चुनावी रैली के दौरान गौरव गोगोई ने मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा और एआईयूडीएफ प्रमुख बदरुद्दीन अजमल को एक ही सिक्के के दो पहलू बताया। उन्होंने आरोप लगाया कि दोनों के बीच अंदरूनी समझ है और कानून का इस्तेमाल राजनीतिक रूप से हो रहा है।
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गौरव गोगोई - फोटो : एएनआई (फाइल)
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विस्तार
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असम की राजनीति में चुनावी माहौल के बीच बयानबाजी तेज हो गई है। कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष गौरव गोगोई ने मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा और एआईयूडीएफ प्रमुख बदरुद्दीन अजमल पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने दोनों नेताओं को एक ही सिक्के के दो पहलू बताया और कहा कि दोनों के बीच अंदरूनी समझ है।

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गौरव गोगोई ने मांकाछर में एक चुनावी रैली को संबोधित करते हुए कहा कि कानून का इस्तेमाल भी राजनीति के हिसाब से किया जा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस नेताओं पर तुरंत कार्रवाई होती है, लेकिन अजमल के बयान पर कोई कार्रवाई नहीं होती। उन्होंने इसे दोहरे मापदंड का उदाहरण बताया।

गौरव गोगोई ने क्या आरोप लगाए गए?
गोगोई ने कहा कि अगर कोई कांग्रेस नेता मुख्यमंत्री के खिलाफ बयान देता है, तो उसे तुरंत गिरफ्तार कर लिया जाता है। लेकिन अगर अजमल मुख्यमंत्री पर टिप्पणी करते हैं, तो न तो एफआईआर दर्ज होती है और न ही कोई कार्रवाई होती है। उन्होंने कहा कि इससे साफ है कि दोनों के बीच राजनीतिक समझ है और जनता को इसे समझना चाहिए।
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क्या कांग्रेस ने किस राजनीति को चुनौती दी?
गोगोई ने कहा कि कांग्रेस ने 2024 लोकसभा चुनाव में अजमल की सांप्रदायिक राजनीति को हराया था। अब इसी तरह हिमंता बिस्वा सरमा की राजनीति को भी हराया जाएगा। उन्होंने कहा कि यह चुनाव जनता के बीच सच्चाई लाने का मौका है और कांग्रेस जनता के साथ खड़ी है।

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क्या हिमंता बिस्वा सरमा के अतीत पर क्या कहा?
गोगोई ने कहा कि जब हिमंता कांग्रेस में थे, तब उन्हें तरुण गोगोई ने बेटे की तरह माना और मंत्री बनाया। लेकिन बाद में उन्होंने अपने ही नेता के साथ विश्वासघात किया। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि भाजपा में आने के बाद भी उन्होंने सरबानंद सोनोवाल को हटाकर खुद मुख्यमंत्री पद हासिल किया।

क्या गठबंधन और पार्टियों पर क्या सवाल उठे?
गोगोई ने कहा कि अब एआईयूडीएफ के कई नेता असम गण परिषद में शामिल हो गए हैं और दोनों पार्टियों के बीच फर्क खत्म हो गया है। उन्होंने लोगों से अपील की कि एजीपी को वोट देना यानी एआईयूडीएफ को वोट देना है। उन्होंने कहा कि जनता को सतर्क रहना चाहिए और सही फैसला लेना चाहिए।
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गोगोई ने जनता के सामने कांग्रेस की पांच गारंटी रखीं। इनमें महिलाओं को आर्थिक मदद, स्वास्थ्य बीमा, बुजुर्गों के लिए अलग मंत्रालय और पेंशन, आदिवासियों को जमीन के पट्टे और कलाकार जुबिन गर्ग को न्याय देने का वादा शामिल है। इस मौके पर भूपेश बघेल ने भी भाजपा पर हमला बोला और कहा कि जनता इस बार जवाब देगी।

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