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Assam: परिसीमन से पहले असम सरकार ने की चार जिलों के विलय की घोषणा, सीएम सरमा बोले- भारी मन से लिया फैसला

Sat, 31 Dec 2022 05:48 PM IST
गुलाम अहमद न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने बताया कि बिश्वनाथ जिले को सोनितपुर में, होजई जिले को नगांव में, बाजाली जिले को बारपेटा में और तमुलपुर को बक्सा जिले में विलय किया जाएगा।
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असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा - फोटो : ANI
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विस्तार
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असम सरकार ने शनिवार को राज्य के चार जिलों को चार अन्य जिलों में विलय करने का फैसला किया। साथ ही कुछ गांवों के प्रशासनिक अधिकार क्षेत्र को बदल दिया है। प्रशासनिक इकाइयों के पुनर्निर्धारण पर चुनाव आयोग की रोक लागू होने से एक दिन पहले यह फैसला लिया गया। बता दें,  चुनाव आयोग असम में परिसीमन की कवायद शुरू करने वाला है।

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राज्य मंत्रिमंडल की बैठक के बाद दिल्ली में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने इस फैसले की घोषणा की। उन्होंने कहा कि असम, समाज और प्रशासनिक आवश्यकताओं के हितों को ध्यान में रखते हुए भारी मन से ये निर्णय लिए गए हैं। उन्होंने कहा कि यह अस्थायी है। हालांकि, उन्होंने निर्णय के पीछे के कारण का खुलासा नहीं किया। सीएम सरमा ने बताया कि बिश्वनाथ जिले को सोनितपुर में, होजई जिले को नगांव में, बाजाली जिले को बारपेटा में और तमुलपुर को बक्सा जिले में विलय किया जाएगा।

हाल ही में बनाए गए थे ये जिले
असम सरकार ने हाल के दिनों में ही इन जिलों को बनाया था। सीएम सरमा ने कहा कि वह इन जिलों के लोगों से माफी मांगना चाहते हैं। उन्होंने उम्मीद जताई कि लोग इन फैसलों के महत्व को समझेंगे। सरमा ने कहा कि राज्य के मंत्रियों की एक टीम इन जिलों का दौरा करेगी और प्रमुख संगठनों व नागरिकों के साथ बातचीत कर उन्हें फैसलों के कारणों को बताएगी। उन्होंने कहा कि फैसले का कारणों का खुलासा सार्वजनिक रूप से नहीं किया जा सकता है। हालांकि उन्होंने कहा कि विलय किए गए चारों जिलों की पुलिस और न्यायिक व्यवस्था अपने कार्यालयों और अधिकारियों के साथ जारी रहेगी।
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नई प्रशासनिक इकाइयों के गठन पर एक जनवरी से प्रतिबंध
चुनाव आयोग ने 27 दिसंबर को जानकारी दी थी कि उसने असम में विधानसभा और संसदीय निर्वाचन क्षेत्रों के परिसीमन की शुरुआत की और सीटों के समायोजन के लिए 2001 की जनगणना के आंकड़ों का इस्तेमाल किया जाएगा। आयोग का कहना है कि कवायद पूरी होने तक राज्य में नई प्रशासनिक इकाइयों के गठन पर एक जनवरी, 2023 से प्रतिबंध लगा दिया गया है। परिसीमन अधिनियम, 1972 के प्रावधानों के तहत असम में निर्वाचन क्षेत्रों का अंतिम परिसीमन 1976 में किया गया था, जो 1971 की जनगणना के आंकड़ों के आधारित था।

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