झंडा दिवस के आयोजन की जानकारी देते हुए रक्षा प्रवक्ता लेफ्टिनेंट कर्नल महेंद्र रावत ने बताया कि इस मौके पर राज्यपाल ने वीर नारियों और दिव्यांगों को संबोधित करते हुए कहा, हमारा कर्तव्य अब और बढ़ गया है। इस दौरान उन्होंने अपने सैनिकों, भूतपूर्व सैनिकों, सशस्त्र सेना में सेवारत कर्मियों की जमकर प्रशंसा की।
देश की सीमाओं और देश की क्षेत्रीय अखंडता की रक्षा करते हुए जिन वीरों ने अपना सर्वस्व नौछावर कर दिया, हम उनके प्रति कृतज्ञ हैं। उनकी कुर्बानियों को हम कभी भूल नहीं सकते। यह बात आज असम के राजभवन में आयोजित सशस्त्र सेना झंडा दिवस के मौके पर राज्यपाल प्रो. जगदीश मुखी ने कही। उन्होंने कहा, जिन वीरों नें शहादत दी, उनके परिजनों और आश्रितों की देखभाल की जिम्मेदारी हमारी है।
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झंडा दिवस के आयोजन की जानकारी देते हुए रक्षा प्रवक्ता लेफ्टिनेंट कर्नल महेंद्र रावत ने बताया कि इस मौके पर राज्यपाल ने वीर नारियों और दिव्यांगों को संबोधित करते हुए कहा, हमारा कर्तव्य अब और बढ़ गया है। इस दौरान उन्होंने अपने सैनिकों, भूतपूर्व सैनिकों, सशस्त्र सेना में सेवारत कर्मियों की जमकर प्रशंसा की।
रक्षा प्रवक्ता लेफ्टिनेंट कर्नल महेंद्र रावत ने बताया कि कार्यक्रम में राज्यपाल ने कहा कि उन वीर सैनिकों वीरता के कारण ही आज हम सब इस स्थिति में हैं। हम उनकी वीरता और बलिदान को कभी नहीं भूल पाएंगे। जिन्होंने अपना सब कुछ देश के लिए बलिदान कर दिया, उनके परिजनों और आश्रितों की देखभाल करना हमारा फर्ज है। सरकार सभी जवानों और उनके आश्रितों के कल्याण और पुनर्वास के लिए प्रतिबद्धता है। इस अवसर पर राज्यपाल ने कैलेंडर का भी विमोचन किया।