असम पुलिस ने बृहस्पतिवार को वस्तु व सेवा कर (जीएसटी) कांउसिल की बैठक के आयोजन के खिलाफ विरोध प्रदर्शन कर रहे पूर्व मुख्यमंत्री तरुण गोगोई और कांग्रेस के दूसरे वरिष्ठ नेताओं को गिरफ्तार किया।
बैठक स्थल के बाहर प्रदर्शन कर रहे कांग्रेसी जीएसटी की अधिकतम दर 28 फीसदी से घटा कर 18 फीसदी करने और रोजमर्रा की जरूरत की चीजों पर जीएसटी खत्म करने की मांग कर रहे थे।
मौके पर मौजूद पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को गिरफ्तार कर थाने ले गई। गिरफ्तार नेताओं में गोगोई के अलावा असम प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष रिपुन बोरा व विधानसभा में कांग्रेस विधायक दल के नेता देवब्रत सैकिया शामिल हैं।
पुलिस थाने जाने के दौरान गोगोई ने पत्रकारों से कहा कि भाजपा की अगुवाई वाली सरकार लोकतांत्रिक व शांतिपूर्ण आंदोलनों को कुचलने का प्रयास कर रही है। राज्य सरकार पर असहिष्णु होने का आरोप लगाते हुए पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि कांग्रेस आम लोगों के हित में जीएसटी की अधिकतम दर घटाने की मांग में आंदोलन जारी रखेगी।
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वहीं बैठक में कई वस्तुओं को 28 फीसदी कर के दायरे से बाहर करने का फैसला कर सकती है। इसके अलावा रोजमर्रा के इस्तेमाल की वस्तुएं, हाथ से बने फर्नीचरों और प्लास्टिक उत्पादों पर कर की दर घटाने पर भी विचार चल रहा है। वित्त मंत्री अरुण जेटली की मौजूदगी में इन फैसलों पर मुहर लगने की संभावना है।
सूत्रों ने बताया कि जीएसटी लागू होने के बाद यहां कांउसिल की पहली बैठक में कर की दरों में संशोधन के अलावा रिटर्न दाखिल करने की प्रक्रिया को आसान बनाने और लघु व मझोले उपक्रमों को राहत देने का फैसला हो सकता है।
बैठक में असम के वित्त मंत्री हिमंत विश्वशर्मा की अगुवाई वाले मंत्रियों के समूह की ओर से पेश सिफारिशों पर भी विचार किया जाएगा। इसके साथ रिटर्न फाइल करने के समय की समीक्षा करने के साथ इसे करदाताओं के सहूलियत के मुताबिक संशोधित करने पर भी विचार किया जाएगा।