असम सरकार ने सोमवार को मध्य कालीन संत शंकरदेव के जन्मस्थान के पास बेदखली अभियान शुरू किया। इस अभियान के तहत सरकार या वैष्णव मठों की भूमि से अतिक्रमण करने वालों को बेदखल किया जा रहा है। एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने यह जानकारी दी।
राज्य के नगांव जिले में इस कदम के खिलाफ संभावित विरोध का सामना करने के लिए असम पुलिस की एक बटालियन के साथ कड़ी सुरक्षा की व्यवस्था की गई। इसके साथ ही संतजियान क्षेत्र से सुबह बेदखली अभियान शुरू किया गया। पांच हजार से ज्यादा अतिक्रमणकर्ताओं को हटाने से प्रभावितों की संख्या के मामले में यह सबसे बड़ा अभियान बताया जा रहा है।
इससे एक साल पहले सितंबर 2021 में इसी तरह का बेदखली अभियान चलाया गया था। इसके चलते दरंग जिले के ढालपुर में हिंसा हुई थी। पुलिस गोलीबारी में दो लोगों की मौत हो गई, जबकि बीस अन्य घायल हो गए थे। इस बीच राज्य सरकार द्वारा कई छोटे और बड़े बेदखली अभियान चलाए गए।
नगांव की पुलिस अधीक्षक लीना डोले ने यहां पत्रकारों से बातचीत में कहा, करीब नब्बे फीसदी अतिक्रमित भूमि को साफ कर दिया गया है और किसी भी हिस्से से किसी तरह की हिंसा या विरोध की कोई खबर नहीं है। उन्होंने दावा किया, लोगों ने हमारे साथ सहयोग किया है। अन्य अधिकारियों ने बताया कि इस अभ्यास में करीब पचास बुलडोजरों का इस्तेमाल किया गया। जो भूमि राज्य सरकार की है, वह वैष्णव संत शंकरदेव के जन्मस्थान के पास है और अधिकांश असमियों द्वारा इसे पवित्र माना जाता है।
राजनीतिक विश्लेषकों का कहना है कि इस कदम का राजनीतिक दलों या अधिकार समूहों द्वारा बहुत कम या कोई विरोध नहीं हुआ है। एक प्रभावित किसान शाहुनुर आलम ने कहा, हम सहयोग करेंगे और बाहर निकलेंगे, लेकिन हमें दस्तावेजों के साथ एख उचित पुनर्वास पैकेज दिया जाना चाहिए। क्षेत्र के अधिकांश निवासी अल्पसंख्यक समुदाय से हैं और दशकों से जमीन पर किसानों या मछुआरों के रूप में बसे हुए हैं।
स्थानीय लोगों ने कहा, प्रभावित लोगों में से कई लोग अपने रिश्तेदारों के साथ आस-पास के गांवों और कस्बों में चले गए हैं या आस-पास के जिलों में चले गए हैं, लेकिन उचित सरकारी दस्तावेज के साथ मुआवजे के रूप में जमीन की मांग कर रहे हैं। उपायुक्त ने पहले किसी भी सभा को रोकने और किसी भी अप्रिय घटना की जांच के लिए निषेधाज्ञा जारी की थी।
पुलिस ने कहा, अगले चार दिनों में 1,200 बीघा से ज्यादा कब्जा की गई जमीन को खाली कराने का अभियान चलाया जाएगा और इलाके में सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं। एसपी लीना डोले ने कहा, वरिष्ठ अधिकारियों के नेतृत्व में पुलिस बल 13 दिसंबर से इलाके में डेरा डाले हुए है और फ्लैग मार्च किया गया है। एसपी ने कहा, इसी तरह की कवायद पास के हैदुबी, लालुनगांव, जमाईबस्ती और बालीसतरा इलाकों में भी की जाएगी, ताकि सरकारी जमीन से अतिक्रमण हटाया जा सके।