मोदी ने दावा किया कि पहले चरण के मतदान में राज्य की जनता ने राजग को अपना आशीर्वाद दिया है और आज जो मतदान चल रहा है वह भी बहुत उत्साहवर्धक है। उन्होंने पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकारों पर आरोप लगाया कि जब राज्य के बोडलैंड क्षेत्र में हिसा की घटनाएं हुआ करती थीं तो वह दशकों तक मूकदर्शक बनी रही।
बम, बंदूक, बंद में घिरा था असम
प्रधानमंत्री ने कहा कि कांग्रेस के लंबे शासन ने असम को बम, बंदूक और बंद में झोंक कर रख दिया था। वर्ष 2016 में हमने शांति और विकास का वादा किया था। पिछले पांच सालों में गंभीरता से प्रयास किए हैं और असम को शांति और सम्मान की सौगात दी है। अटल बिहारी वाजपेयी के शासनकाल में पहला बोडो समझौता हुआ था और वर्तमान केंद्र सरकार ने यहां स्थायी शांति बहाल करने का मार्ग प्रशस्त किया और क्षेत्र में प्रगति और शांति सुनिश्चित करने का काम किया है।
मोदी ने कहा कि बोडोलैंड क्षेत्रीय परिषद के लिए शांति, विकास और सुरक्षा ही हमारा मंत्र है। हजारों करोड़ रुपये की विकास योजनाएं लाकर हमने इस क्षेत्र में विकास की शुरुआत की है। जिस दल के नेताओं ने कोकराझार को हिंसा की आग में झोंका था, आज कांग्रेस ने अपना हाथ और अपना भाग्य उन लोगों को थमा दिया है।
वीडियो का जिक्र कर अजमल पर निशाना
अपने संबोधन के दौरान प्रधानमंत्री ने एक वीडियो का जिक्र किया जिसमें एआईयूडीएफ अध्यक्ष अजमल एक चुनावी रैली में मंच पर असम के पारंपरिक गामोसा (गमछा) को फेंकते हुए दिखते हैं और कहा कि इस दृश्य ने लोगों को चोट पहुंचाई है। असम के लोग इसे बर्दाश्त नहीं करेंगे। लोग अपने मतों के जरिए इसका जवाब देंगे। कांग्रेस और उसके गठबंधन को लोग सजा देंगे।