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Assam: 'हिमंत बिस्व सरमा को नहीं बख्शेंगे, सत्ता में आते ही भेजेंगे जेल', असम सीएम को राहुल गांधी की चेतावनी

Sun, 05 Apr 2026 01:08 PM IST
नवीन पारमुवाल न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बिस्वनाथ

सार

कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने असम में मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस के सत्ता में आने पर सरमा को जेल भेजा जाएगा और माफी मांगने पर भी उन्हें बख्शा नहीं जाएगा।
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असम में राहुल गांधी का बड़ा बयान। - फोटो : अमर उजाला
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Assam Election 2026: असम के बिस्वनाथ में एक चुनावी सभा को संबोधित करते हुए कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने भाजपा की केंद्र सरकार और राज्य के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा पर कड़ा हमला किया। विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने राज्य की राजनीति में बाहरी दखल का आरोप लगाते हुए कहा कि असम की कमान असल में दिल्ली के हाथों में है। उन्होंने भ्रष्टाचार और महिला सुरक्षा के मुद्दों पर भी सरकार को जमकर घेरा। राहुल गांधी ने स्पष्ट संकेत दिए कि आने वाले समय में कांग्रेस इन मुद्दों को लेकर संघर्ष और तेज करेगी।
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सत्ता में आते ही भेजेंगे जेल: राहुल गांधी
असम की रैली में बोलते हुए राहुल गांधी ने कहा कि डोनाल्ड ट्रंप, नरेंद्र मोदी को कंट्रोल करते हैं और नरेंद्र मोदी व अमित शाह आपके मुख्यमंत्री को कंट्रोल कर रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि असम की सरकार को मुख्यमंत्री नहीं, बल्कि दिल्ली से अमित शाह चला रहे हैं। राहुल गांधी ने मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा पर व्यक्तिगत हमला करते हुए कहा कि उन्होंने अपने परिवार को भ्रष्टाचार में शामिल करके बड़ी गलती की है। अब उनके परिवार को भी आरोपों का सामना करना पड़ेगा और कांग्रेस सत्ता में आने पर उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई करेगी। राहुल गांधी ने कहा कि हिमंत बिस्वा सरमा को माफी मांगने पर भी नहीं छाड़ेंगे और जेल भेजकर दम लेंगे। 

चुनावी सभा के साथ-साथ राहुल गांधी ने सोशल मीडिया पर भी केंद्र सरकार के वन स्टॉप सेंटर की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि हिंसा से पीड़ित महिलाओं की मदद के लिए बनाए गए ये केंद्र अपनी जिम्मेदारी निभाने में नाकाम रहे हैं। राहुल गांधी का दावा है कि मोदी सरकार इस मामले में किसी की बात सुनने को तैयार नहीं है। उन्होंने सुरक्षा को सरकार की बुनियादी जिम्मेदारी बताते हुए कहा कि पीड़ित महिलाएं मदद के लिए भटक रही हैं लेकिन सरकार ने उनके लिए दरवाजे बंद कर रखे हैं।
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राहुल गांधाी ने कहा कि उन्होंने संसद में भी वन स्टॉप सेंटर की बदहाली का मुद्दा उठाया था। उन्होंने पूछा था कि इन सेंटरों में ताले क्यों लगे हैं और वहां स्टाफ की कमी क्यों है। उन्होंने आंकड़ों का हवाला देते हुए सरकार से सवाल किया कि आखिर पांच में से तीन महिलाओं तक मदद क्यों नहीं पहुंच पा रही है। राहुल ने बजट के कम इस्तेमाल और देशभर से आ रही शिकायतों पर सरकार की चुप्पी पर भी नाराजगी जताई। उन्होंने सरकार से पिछले पांच वर्षों में खुले नए सेंटरों और वहां खाली पड़े पदों का ब्यौरा मांगा।

सरकार की ओर से महिला एवं बाल विकास राज्य मंत्री सावित्री ठाकुर ने राहुल गांधी के सवालों का लिखित जवाब दिया। उन्होंने बताया कि मिशन शक्ति के तहत ये सेंटर महिलाओं को चिकित्सा और कानूनी मदद मुहैया कराते हैं। सरकार के मुताबिक, साल 2015 से अब तक करीब 13.37 लाख महिलाओं की सहायता की गई है। मंत्री ने कहा कि इन सेंटरों को चलाने की जिम्मेदारी राज्य सरकारों की है और नीति आयोग ने इस योजना के प्रदर्शन को संतोषजनक माना है। हालांकि राहुल गांधी ने सरकार के इन दावों को पूरी तरह खारिज कर दिया।
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