Assam: लेफ्टिनेंट जनरल आरपी कलिता और असम के मुख्यमंत्री डॉ. हिमंत बिस्वा सरमा
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असम सरकार की चिकित्सा शिक्षा और अनुसंधान विभाग ने क्षेत्रीय केंद्र (भूतपूर्व सैनिक अंशदायी स्वास्थ्य सेवाएं) के साथ एक समझौते पर हस्ताक्षर किए हैं। यह समझौता असम मुख्यमंत्री डॉ. हिमंत बिस्वा सरमा और लेफ्टिनेंट जनरल आरपी कलिता, जनरल ऑफिसर कमांडिंग-इन-चीफ, पूर्वी की उपस्थिति में किया गया। इस समझौते से करीब 1.2 लाख रक्षा बलों के ईसीएचएस लाभार्थियों के लिए कैशलेस चिकित्सा सेवाएं मिलेंगी।
इस सबंध में जानकारी देते हुए रक्षा प्रवक्ता लेफ्टिनेंट कर्नल महेंद्र सिहं रावत ने बताया कि इस समझौते के तहत ईसीएचएस लाभार्थी आठ सरकारी मेडिकल कॉलेज और अस्पतालों क्रमशः गुवाहाटी मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल, असम मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल, सिलचर, मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल जोरहाट, मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल डिफू, मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल, तेजपुर, मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल लखीमपुर मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल और फखरुद्दीन अली अहमद मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल बरपेटा में उच्च गुणवत्ता वाले उपचार मिलेगी। इसके अलावा, क्षेत्रीय केंद्र (भूतपूर्व सैनिक अंशदायी स्वास्थ्य सेवाएं) गुवाहाटी ने भी रक्षा बलों के ईसीएचएस लाभार्थियों के लिए उच्च गुणवत्ता वाली कैंसर देखभाल सेवाओं के लिए असम कैंसर केयर फाउंडेशन के साथ एक समझौते पर हस्ताक्षर किए।
इस मौके पर मुख्यमंत्री डॉ. सरमा ने एतिहासिक पहल की सराहना करते हुए कहा कि यह समझौता राज्य सरकार में पूर्व सैनिकों और उनके परिवार के सदस्यों को चिकित्सा कवरेज प्रदान करने में एक लंबा रास्ता तय करेगा। उन्होंने समझौते के तौर-तरीकों को अंतिम रूप देने में सहयोग के लिए रक्षा बलों और राज्य के स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को भी बधाई दी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि 2022 में, राज्य सरकार ने असम के सरकारी मेडिकल कॉलेजों में असम के पूर्व सैनिकों और सेवारत रक्षा कर्मियों के बच्चों के लिए एमबीबीएस सीटों का आरक्षण तीन से बढ़ाकर नौ कर दिया। समझौते समारोह में स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री केशव महंत, जीओसी इन चीफ ईस्टर्न कमांड लेफ्टिनेंट जनरल राणा प्रताप कलिता ने भी संबोधित किया।