असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने कांग्रेस सांसद गौरव गोगोई से पाकिस्तान के रावलपिंडी दौरे के बारे में स्पष्ट जवाब मांगा, क्योंकि उनका वीजा केवल लाहौर, कराची और इस्लामाबाद के लिए वैध था।
असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने सोमवार को कांग्रेस नेता गौरव गोगोई से पाकिस्तान के रावलपिंडी जिले की उनकी यात्रा के बारे में स्पष्ट और पारदर्शी जवाब मांगा। सीएम सरमा ने कहा कि गोगोई का वीजा केवल लाहौर, कराची और इस्लामाबाद के लिए वैध था और इसके अलावा किसी अन्य क्षेत्र की यात्रा पाकिस्तान के इमिग्रेशन नियमों के तहत अनुमत नहीं है।
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असम सीएम ने एक्स (पूर्व ट्विटर) पर पोस्ट करते हुए लिखा तक्षशिला इस्लामाबाद में नहीं, बल्कि रावलपिंडी जिले, पंजाब में स्थित है। यह तथ्य एक गंभीर और अनिवार्य सवाल उठाता है। यदि उनका वीजा केवल लाहौर, कराची और इस्लामाबाद के लिए वैध था, तो उन्होंने कैसे रावलपिंडी जिले स्थित तक्षशिला का दौरा किया?
'रावलपिंडी में सामान्य नागरिक वीजा से प्रवेश असंभव'
मुख्यमंत्री ने आगे कहा कि यह सवाल सरल, तथ्यात्मक और जायज है 'कौन और किस माध्यम से उनकी यह यात्रा संभव हुई, जब वीजा रावलपिंडी के लिए अनुमति नहीं देता था?' सरमा ने यह भी बताया कि रावलपिंडी पाकिस्तान सेना का मुख्यालय होने के कारण उच्च सुरक्षा क्षेत्र है। उन्होंने कहा सामान्य नागरिक वीजा के माध्यम से रावलपिंडी में प्रवेश असंभव है। परिस्थितियां इस ओर संकेत करती हैं कि यह यात्रा किसी संस्थागत व्यवस्था के तहत संभव हुई होगी। इससे पहले रविवार को सरमा ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में दावा किया था कि गौरव गोगोई, उनकी ब्रिटिश पत्नी एलिजाबेथ कॉलबर्न और पाकिस्तानी नागरिक अली तौकीर शेख के बीच गहरा संबंध है। उन्होंने कहा कि खुफिया जानकारी पड़ोसी देश को साझा की गई।
सरमा के आरोपों पर गौरव गोगोई का पलटवार
इसके जवाब में गौरव गोगोई ने सरमा के आरोपों को निराधार और बेबुनियाद बताया। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री की प्रेस कॉन्फ्रेंस 'C-ग्रेड सिनेमा से भी खराब और सुपर फ्लॉप' थी। उन्होंने साफ कहा कि वह शुरू से ही विशेष जांच टीम (एसआईटी) की जांच के खिलाफ नहीं हैं और चाहते हैं कि एसआईटी की रिपोर्ट सार्वजनिक की जाए। पढ़ें खबर...
'जेल जाने को तैयार, बांग्लादेशी घुसपैठियों के खिलाफ रहूंगा'
इसके अलावा असम सीएम सरमा ने AIMIM प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी द्वारा उनके खिलाफ एक वीडियो मामले में मामला दर्ज करने पर जवाब दिया। सरमा ने कहा "मैं जेल जाने के लिए तैयार हूं, मैं क्या कर सकता हूं? मुझे किसी वीडियो के बारे में कुछ भी जानकारी नहीं है। अगर उन्होंने मेरे खिलाफ मामला दर्ज किया है, तो मुझे गिरफ्तार कर लें; मुझे कोई आपत्ति नहीं है।" यह भी स्पष्ट किया कि उनके विचार और रुख में कोई बदलाव नहीं है। सरमा ने कहा मैं अपने शब्दों के पीछे खड़ा हूं। मैं बांग्लादेशी घुसपैठियों के खिलाफ हूं और आगे भी रहूंगा।