सार
असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने कांग्रेस नेताओं द्वारा लगाए गए आरोपों को झूठा और दुर्भावनापूर्ण बताया। सरमा ने कहा कि आरोप उनकी छवि खराब करने के इरादे से लगाए गए। उन्होंने गौरव गोगोई और दो अन्य कांग्रेस नेताओं के खिलाफ 500 करोड़ रुपये का डिफेमेशन केस दर्ज कराया है। साथ ही अदालत से कानूनी कार्रवाई की मांग की।
असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने कांग्रेस नेताओं द्वारा लगाए गए आरोपों को झूठा और दुर्भावनापूर्ण बताया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि ये आरोप उनकी छवि खराब करने के इरादे से लगाए गए हैं। इन आरोपों के खिलाफ मुख्यमंत्री सरमा ने कांग्रेस नेता गौरव गोगोई और दो अन्य लोगों के खिलाफ 500 करोड़ रुपये का मानहानि (डिफेमेशन) का केस दर्ज कराया है।
मुख्यमंत्री का कहना है कि कांग्रेस नेताओं ने बिना किसी सबूत के गंभीर आरोप लगाए, जिससे उनकी व्यक्तिगत और राजनीतिक छवि को नुकसान पहुंचा है। उन्होंने साफ कहा कि वह इस मामले में कानूनी रास्ते से जवाब देंगे। सरमा ने कहा कि राजनीति में मतभेद हो सकते हैं, लेकिन झूठे आरोप लगाना गलत है। इसलिए उन्होंने अदालत का दरवाजा खटखटाया है।
असम कांग्रेस ने सीएम के खिलाफ दर्ज कराइ शिकायत
मंगलवार को असम कांग्रेस ने सत्तारूढ़ भाजपा के खिलाफ पुलिस में शिकायत दर्ज कराई है। कांग्रेस विधायक शिबामोनी बोरा और दिगंत बर्मन ने गुवाहाटी के दिसपुर पुलिस स्टेशन में इस वीडियो को लेकर शिकायत दी। इस वीडियो में मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा को एक राइफल के साथ दिखाया गया था। वीडियो शेयर करते ही इस पर विवाद खड़ा हो गया। हालांकि विवाद बढ़ता देख इस वीडियो को डिलीट कर दिया गया।
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शिकायतकर्ता विधायकों का दावा
कांग्रेस ने अपनी शिकायत में कहा है कि वीडियो में सरमा को एक विशेष समुदाय पर पॉइंट-ब्लैंक रेंज से गोली मारते दिखाया गया है। शिकायतकर्ता विधायकों ने दावा किया कि वीडियो में ओवरले टेक्स्ट के रूप में कुछ वाक्य थे जैसे- विदेशी मुक्त असम और बांग्लादेशियों को कोई माफी नहीं। कांग्रेस का कहना है कि ये शब्द राज्य के बंगाल मूल के मुसलमानों की ओर इशारा करते हैं, जिन्हें अक्सर मिया या बांग्लादेशी कहकर तंज कसा जाता है। इसके साथ ही शिकायत में आगे कहा गया कि यह सामग्री एक खास समुदाय को निशाना बनाती है, जो बेहद उकसाने वाली और सांप्रदायिक है। इससे लोगों के बीच सामाजिक सौहार्द बिगड़ने का खतरा है।
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वीडियो विवाद और फिर सीएम सरमा की सफाई
बता दें कि यह विवाद उस वीडियो से जुड़ा है, जिसे असम भाजपा के आधिकारिक सोशल मीडिया अकाउंट से बीते शनिवार को पोस्ट किया गया था। वीडियो में मुख्यमंत्री हिमंत सरमा को राइफल से निशाना लगाकर गोली चलाते हुए दिखाया गया। वीडियो में दो लोग नजर आए, जिनमें से एक ने टोपी पहन रखी थी और दूसरे की दाढ़ी थी। वीडियो के साथ लिखा गया था- 'प्वाइंट ब्लैंक शॉट'। इस वीडियो को लेकर विपक्ष ने कड़ा विरोध किया, जिसके बाद इसे हटा दिया गया।
दूसरी ओर इस विवाद पर प्रतिक्रिया देते हुए मुख्यमंत्री हिमंत सरमा ने कहा कि उन्हें किसी भी वीडियो की जानकारी नहीं है। उन्होंने डिब्रूगढ़ में एक कार्यक्रम के दौरान कहा कि मुझे किसी वीडियो के बारे में कुछ नहीं पता। उन्होंने यह भी कहा कि उन्हें हैदराबाद में दर्ज किसी शिकायत की भी जानकारी नहीं है। मुख्यमंत्री ने आगे कहा कि अगर मेरे खिलाफ कोई मामला दर्ज हुआ है, तो मुझे गिरफ्तार कर लिया जाए। मुझे कोई आपत्ति नहीं है। मैं जेल जाने को भी तैयार हूं।
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