असम के मुख्यमंत्री सर्वानंद सोनोवाल ने जनजातीय एवं पिछड़ा वर्ग कल्याण विभाग को हाथ से सफाई करने वाले सफाईकर्मियों की पहचान के लिए राज्यव्यापी सर्वेक्षण करने का निर्देश दिया है। उन्होंने विभाग से हाथ से सफाई करने वालों के कौशल विकास के लिए एक समग्र रूपरेखा तैयार करने को कहा है ताकि उनके लिए नौकरी के नए अवसर सुनिश्चित हो सकें।
सफाई कर्मचारी कानून, 2013 को लागू करने के लिए राज्य स्तरीय निगरानी समिति की अध्यक्षता करते हुए सोनोवाल ने इस ओर ध्यान देने को कहा है कि राज्य में हाथ से सफाई करने की व्यवस्था कैसे खत्म की जाए।
साथ ही उन्होंने विभाग से मशीनों की खरीद के लिए सब्सिडी की नीति तैयार करने और निजी क्षेत्र के लिए इसे खोलने को भी कहा। सीएम ने मैनुअल स्कैवेंजर्स को सरकारी कल्याण योजनाओं के दायरे में लाने और उनके सशक्तीकरण के लिए काम करने के निर्देश दिए।
उन्होंने वर्तमान में मैनुअल स्कैवेंजिंग में लगे लोगों की आवश्यकता को रेखांकित करते हुए, विभाग से सीवरेज सफाई को यंत्रीकृत तरीके से शुरू करने के लिए कहा।
असम के सीएम ने पूरे राज्य में नगरपालिका और कस्बाई क्षेत्रों में सीवरेज संग्रह के लिए उपयोग किए जाने वाले मशीनों की खरीदने का निर्देश दिया। सीएम ने विभाग से निजी पार्टियों को इस क्षेत्र में उद्यम करने का अवसर देने वाली सेसपूल सफाई मशीनों की खरीद के लिए एक सब्सिडी नीति बनाने के लिए कहा।
उन्होंने हाथ से मैला ढोने वालों के पुनर्वास और सरकार के कौशल विकास कार्यक्रमों के माध्यम से उनके सशक्तीकरण के लिए रणनीति अपनाने के लिए एक व्यापक योजना की आवश्यकता पर भी प्रकाश डाला।
उल्लेखनीय है कि डब्ल्यूपीटी और बीसी विभाग ने गोलाघाट, लखीमपुर और जोरहाट जिले में पहले ही सर्वेक्षण किया है और 542 हाथ से मैला ढोने वालों की पहचान की है।