नागरिकता संशोधन बिल-2019 के खिलाफ असम और त्रिपुरा में प्रदर्शनों का सिलसिला गुरुवार को भी जारी है। कई जगहों पर प्रदर्शन ने हिंसक रूप ले लिया। बुधवार देर रात असम के मुख्यमंत्री सर्बानंद सोनोवाल के डिब्रूगढ़ स्थित आवास और केंद्रीय राज्यमंत्री रामेश्वर तेली के दुलियाजन स्थित आवास पर प्रदर्शनकारियों ने पथराव और हमला किया था।
गुवाहाटी के होटल ताज में जापानी पीएम शिंजो आबे के स्वागत में बनाया गया रैंप भी जला दिया गया। असम के कई जिलों में इस समय कर्फ्यू लगा हुआ है। साथ ही 10 जिलों में इंटरनेट सेवाओं को बंद कर दिया गया है। प्रदर्शन के देखते हुए असम की तिनसुकिया डिवीजन ने कई ट्रेनों को रद्द कर दिया है।
इसी बीच गुरुवार को असम के सीएम सर्बानंद सोनोवाल ने लोगों से अपील करते हुए कहा कि, 'मैं ईमानदारी से असम के सभी वर्ग को लोगों से शांति और सौहार्द बनाए रखने की अपील करता हूं। यह हमारी सांस्कृतिक, सामाजिक और आध्यात्मिक परंपरा है। मेरा दृढ़ विश्वास है कि हमेशा की तरह असम के लोग आने वाले समय में शांति बनाए रखेंगे।'
उन्होंने कहा कि एक वर्ग लोगों के बीच गलतफहमी फैला रहा है कि असम में 1-1.5 करोड़ लोग नागरिकता लेने जा रहे हैं और भ्रामक प्रचार करके स्थिति को और अधिक भयावह बनाने की कोशिश कर रहा है। यह एक गलत प्रचार है।