असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा
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असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने कहा कि गोरखाओं ने राज्य और राष्ट्र के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। गोरखा कड़ी मेहनत और बहादुरी के प्रतीक हैं। उन्होंने हमारे राज्य और हमारे राष्ट्र के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। मुख्यमंत्री शुक्रवार को सोनिणपुर जिले के गरपाल में असम गोरखा के 57वें सम्मेलन दिवस को संबोधित कर रहे थे।
असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्व सरमा ने कहा है कि असम के गोरखा विदेशी नहीं हैं, वे असमिया हैं और असमवासी हैं। यह फैसला हो चुका है। राज्यपाल के हस्ताक्षर से नोटिफिकेशन भी निकल गया है। इसके बावजूद सोशल मीडिया में इस तरह की बातें लिखना और बातें करने से आपस में दूरी बढ़ती जाएगी।
हिमंत बिस्वा सरमा ने कहा, उन गोरखा लोगों को आड़े हाथों लिया जो इस विषय को लेकर बार-बार सोशल मीडिया में लिखते हैं। उन्होंने कहा, जब असम कैबिनेट नें फैसला ले किया कि असम के गोरखा विदेश नहीं हैं, तो फिर बार-बार इस तरह की बातें क्यों हो रही हैं। उन्होंने वहां उपस्थित लोगों से अपने साथ दोहराने को कहा, मैं गोरखा, मैं असमिया और मैं भारतीय। आज के बाद विदेशी वाला विवाद खत्म। उन्होंने कहा, पिछले दो वर्षों से असम के किसी गोरखा को ट्रिब्यूनल में जाना तो नहीं पड़ रहा है। वे (गोरखा) माटी के लाल हैं। हमारे शासनादेश के अनुसार आज से गोरखा सम्मेलन अन्य पिछड़ा वर्ग प्रमाण पत्र (ओबीसी) प्रदान कर सकता है। आदिवासी बेल्ट ब्लॉक में गोरखा जमीन खरीद सकते हैं।