असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्व सरमा ने भारत जोड़ो न्याय यात्रा के कारण अपने कार्यक्रम रद्द कर दिए हैं। सीएम ने कहा कि मैंने सभी कार्यक्रमों का एलान कांग्रेस से पहले ही कर दिया था। करीब एक माह पहले। बावजूद इसके मैंने कांग्रेस की यात्रा के कारण राज्य के ऊपरी जिलों में 18-19 जनवरी को पूर्व निर्धारित कार्यक्रमों को रद्द किया। इतने बड़े दिल वाली सरकार आपने कभी नहीं देखी होगी। हालांकि, असम सीएम का कहना है कि कांग्रेस के कार्यक्रमों में शामिल होने में लोगों को अब शर्म आती है। बता दें, भारत जोड़ो न्याय यात्रा 18 जनवरी को असम के शिवसागर जिले से शुरू होगी, जो असम के 17 जिलों में जाएगी और 833 किमी की यात्रा करेगी।
मैंने कांग्रेस से पहले ही कार्यक्रमों का एलान कर दिया था
असम सीएम सरमा ने मंगलवार को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस आयोजित की। इस दौरान उन्होंने कहा कि राहुल गांधी और मेरे कुछ कार्यक्रम आपस में मेल खा रहे थे। मैंने कांग्रेस की घोषणा से पहले ही तारीखों का एलान कर दिया था फिर भी मैंने 18 जनवरी को अपना माजुली जिले का कार्यक्रम रद्द कर दिया, जिससे हमारे कार्यक्रमों का टकराव न हो। माजुली एक छोटा जिला है, इसलिए मैं जिला प्रशासन को परेशान नहीं करना चाहता।
अमित शाह का कार्यक्रम फिलहाल तय नहीं
सरमा ने कहा कि 18 जनवरी और 19 जनवरी को जोरहाट और डेरगांव में मेरा राशन कार्ड वितरण कार्यक्रम था, जिसे भी मैंने रद्द कर दिया। असम के ऊपरी जिलों में निर्धारित दो दिनों के सभी कार्यक्रमों को मैंने रद्द कर दिया है। सभी कार्यक्रम एक माह पहले ही घोषित कर दिए गए थे। लेकिन कांग्रेस की यात्रा के कारण मैंने सभी कार्यक्रम रद्द किए। आपको इतने बड़े दिल वाली सरकार कभी नहीं मिल सकती। वहीं, 20 जनवरी को अमित शाह के असम दौरे पर सरमा ने कहा कि अभी उनका कार्यक्रम तय नहीं हुआ है। हम सुनिश्चित करेंगे कि शाह की यात्रा और कांग्रेस के कार्यक्रम आपस में न टकरा जाएं।
कांग्रेस के कार्यक्रम में जाने में शर्माते हैं लोग
सरमा का दावा है कि हम किसी भी को यात्रा में शामिल होेने से नहीं रोक रहे हैं। लेकिन एक समुदाय के अलावा कोई अन्य कार्यक्रम में जाना ही नहीं चाहता। लोगों को राहुल गांधी के कार्यक्रम में जाने में शर्म आती है। समुदाय के बारे में पूछने पर सरमा ने कहा कि मुस्लिम समाज ही कांग्रेस की यात्रा में शामिल होगा। उन्होंने कहा कि मुझे समुदाय का नाम लेने में कोई झिझक नहीं है। यहां तक कि मुस्लिम समाज भी आजकल कांग्रेस के कार्यक्रमों में जाने से कतराता है। क्योंकि समुदाय के लोग देख रहे हैं कि हमारी सरकार बिना भेदभाव के विकास के कामों में जुटी है। समुदाय ने आम जनता को सरकारी योजनाओं का लाभ मिलते हुए देखा है।
कांग्रेस की यात्रा हिंदू विरोधी है
मुख्यमंत्री का आरोप है कि कांग्रेस की भारत जोड़ो न्याय यात्रा हिंदू धर्म के खिलाफ है। सरमा ने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि वे हिंदू विरोधी हैं। हम हिंदू समर्थक हैं। हिंदू समर्थक होंने का यह अर्थ नहीं है कि हम मुस्लिम या ईसाई विरोधी है।