असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्व सरमा ने गुवाहाटी के लोक सेवा भवन में आयोजित एक समारोह में इतिहासकार राजन सैकिया की ओर से संपादित असम का राजनीतिक इतिहास पुस्तक का पहला खंड जारी किया।
यह पुस्तक स्वतंत्रता के बाद की 1947 से 1971 तक असम के राजनीतिक इतिहास को कवर करती है। पुस्तक में प्राचीन कामरूप से लेकर स्वतंत्रता आंदोलन तक की घटनाओं पर प्रकाश डाला गया है। इस मौके पर सीएम सरमा ने कहा कि पुस्तक के पहले भाग में आजादी के बाद के असम के पहले 24-25 वर्षों के महत्वपूर्ण मुद्दों को प्रस्तुत करने का प्रयास सराहनीय है। पुस्तक प्रदेश की उन राजनीतिक घटनाओं से परिचित कराएगी, जिन्होंने असम के सामाजिक-आर्थिक जीवन को आकार दिया है। असम के पूर्व सीएम भारत रत्न गोपीनाथ बोरदोलोई ने राज्य के समग्र विकास के लिए गौहाटी विवि और अन्य महत्वपूर्ण संस्थानों की स्थापना में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी।