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Video: सरमा बोले- अगर कोर्ट मुझे दोषी ठहरा दे तो BJP MLA काले कपड़े नहीं पहनेंगे, ऊपरी अदालत में अपील करेंगे

Wed, 29 Mar 2023 10:55 PM IST
अभिषेक दीक्षित न्यूज डेस्क, अमर उजाला, गुवाहाटी
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Himanta Biswa Sarma - फोटो : ANI
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असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्व सरमा ने बुधवार को विधानसभा में कांग्रेस के पूर्व सांसद राहुल गांधी की अयोग्यता के बाद कांग्रेस के प्रदर्शनों पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि  कल अगर अदालत मुझे किसी चीज में दोषी ठहराती है, तो क्या भाजपा विधायक काले कपड़े पहनेंगे और प्रदर्शन करेंगे? नहीं। हम उच्च न्यायालय, सर्वोच्च न्यायालय, सत्र न्यायालय जाएंगे, लेकिन हम न्यायपालिका की अवहेलना नहीं करेंगे। यह प्रवृत्ति भारतीय लोकतंत्र के लिए अच्छी नहीं है।

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असम विधानसभा में हंगामा; तीन विधायक निलंबित
अदालत के फैसले के बाद राहुल गांधी को लोकसभा की सदस्यता से अयोग्य घोषित किए जाने के विरोध में कांग्रेस के कार्य स्थगन प्रस्ताव के नोटिस को लेकर असम विधानसभा में बुधवार को जमकर हंगामा हुआ। हंगामे के कारण विधानसभा अध्यक्ष बिस्वजीत दैमारी ने दो बार सदन की कार्यवाही स्थगित की और कांग्रेस के दो विधायकों एवं एक निर्दलीय विधायक को दिन भर के लिए सदन की कार्यवाही से निलंबित कर दिया। कांग्रेस के विधायक विरोध स्वरूप काले कपड़ों में सदन पहुंचे।

सरमा ने राहुल पर कसा तंज
नेता प्रतिपक्ष देबब्रत सैकिया के कार्य स्थगन प्रस्ताव का विरोध करते हुए मुख्यमंत्री हिमंत विस्व सरमा ने आश्चर्य जताया कि क्या कांग्रेस राहुल गांधी के विचारों का विरोध नहीं कर रही है, जिन्होंने उस अध्यादेश की प्रति फाड़ दी थी, जो उन्हें बचा सकता था। बाद में विधानसभा अध्यक्ष ने कार्य स्थगन प्रस्ताव को खारिज कर दिया। मुख्यमंत्री ने कहा कि मैं अखिल गोगोई और कमलाख्या डे पुरकायस्थ को पांच अप्रैल तक सदन की पूरी बैठक के लिए निलंबित करने का प्रस्ताव रखता हूं। असम विधानसभा का बजट सत्र पांच अप्रैल को पूरा होने वाला है।
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कांग्रेस ने दिया विशेषाधिकार हनन नोटिस
कांग्रेस ने लोकसभा से राहुल गांधी की अयोग्यता पर बहस के दौरान एक टिप्पणी के लिए असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्व सरमा के खिलाफ राज्य विधानसभा में विशेषाधिकार हनन की शिकायत दर्ज कराई है। कांग्रेस विधायक दल ने विधानसभा के प्रधान सचिव के पास शिकायत दर्ज कराई, जिसके बाद सरमा ने सदन के अंदर टिप्पणी वापस ले ली। हालांकि, कांग्रेस ने अभी तक अपना नोटिस वापस नहीं लिया है और पार्टी ने बयान वापस लेने के बजाय मुख्यमंत्री से माफी मांगने की मांग की है।

शिकायत में क्या?
शिकायत में कहा गया है कि सदन के नेता हिमंत बिस्व सरमा ने सदन में कहा कि उन्हें एसीएलपी (असम कांग्रेस विधायक दल) कक्ष में हुई चर्चा की जानकारी है। उन्होंने यह भी कहा कि एसीएलपी के कुछ माननीय सदस्य ने उन्हें मंगलवार को हुई सीएलपी बैठक में लिए गए निर्णय के बारे में सूचित किया है। एसीएलपी के हम सदस्य महसूस करते हैं कि यह सदन के नेता का झूठा बयान है। इसलिए हम एसीएलपी के सदस्य सदन के नेता के खिलाफ विशेषाधिकार हनन का नोटिस लाते हैं। नोटिस पर कांग्रेस के 20 से अधिक विधायकों के हस्ताक्षर हैं। उन्होंने प्रधान सचिव से कानून के मुताबिक, नोटिस पर कार्यवाही करने का आग्रह किया है।
 

 

24 मार्च को गई थी सांसदी
इससे पहले पूर्व कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी की लोकसभा सदस्यता बीते शुक्रवार यानी 24 मार्च को रद्द कर दी गई। लोकसभा सचिवालय की ओर से इस संबंध में अधिसूचना जारी कर दी गई। राहुल को गुरुवार को सूरत की अदालत ने मोदी उपनाम से जुड़े मानहानि मामले में दो साल की सजा सुनाई थी। इस पर प्रतिक्रिया देते हुए उन्होंने ट्विटर पर लिखा था, 'मैं भारत की आवाज के लिए लड़ रहा हूं। मैं हर कीमत चुकाने को तैयार हूं।' 

इस मामले में गई थी सदस्यता
राहुल गांधी की ओर से 2019 में मोदी उपनाम को लेकर की गई टिप्पणी के मामले में गुरुवार यानी 23 मार्च को सूरत की अदालत ने फैसला सुनाया था। कोर्ट ने उन्हें धारा 504 के तहत दो साल की सजा सुनाई थी। हालांकि, कोर्ट ने फैसले पर अमल के लिए 30 दिन की मोहलत दे दी। इसके साथ ही उन्हें तुरंत जमानत भी दे दी थी।

दरअसल, 2019 लोकसभा चुनाव के दौरान कर्नाटक के कोलार की एक रैली में राहुल गांधी ने कहा था, 'कैसे सभी चोरों का उपनाम मोदी है?' इसी को लेकर भाजपा विधायक और गुजरात के पूर्व मंत्री पूर्णेश मोदी ने राहुल गांधी के खिलाफ मानहानि का मामला दर्ज कराया था। उनका आरोप था कि राहुल ने अपनी इस टिप्पणी से समूचे मोदी समुदाय की मानहानि की है। राहुल के खिलाफ आईपीसी की धारा 499 और 500 (मानहानि) के तहत मामला दर्ज किया गया था। 
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