Assam Cabinet Decision: पीएम मोदी अगले महीन की 8 तारीख को असम का दौरा करेंगे। वहीं गृह मंत्री अमित शाह 28 अगस्त को ही राज्य का दौरा करेंगे, ये जानकारी सीएम हिमंत बिस्वा सरमा ने साझा की है। सीएम सरमा ने आज हुई राज्य कैबिनेट की बैठक में लिए गए अहम फैसलों को भी साझा किया है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के अमस दौरे की तारीख बदल गई है। पहले वे 8 सितंबर को आने वाले थे, लेकिन अब उनका कार्यक्रम 13 और 14 सितंबर को होगा। सीएम हिमंत बिस्वा सरमा ने बताया कि पीएम मोदी 13 सितंबर को गुवाहाटी आएंगे और भारत रत्न भूपेन हजारिका की जन्मशताब्दी समारोह के उद्घाटन में शामिल होंगे। 14 सितंबर को वे मांगलदोई और उसके बाद नुमालिगढ़ का दौरा करेंगे। इसके अलावा केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह भी असम आएंगे। वे 28 अगस्त की रात गुवाहाटी पहुंचेंगे और भाजपा मुख्यालय में कोर कमेटी की बैठक करेंगे। 29 अगस्त को शाह गुवाहाटी में तीन कार्यक्रमों में शामिल होंगे।
असम कैबिनेट के फैसले
सीएम सरमा ने बताया कि मंगलवार की कैबिनेट बैठक में कई अहम फैसले लिए गए हैं। इसमें असम प्लांटेशन क्रॉप डेवलपमेंट कॉरपोरेशन के कर्मचारियों को स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति योजना (वीआरएस) देने का फैसला हुआ है। इसके लिए सरकार ने छह करोड़ रुपये मंजूर किए। राज्य सरकार ने 969 करोड़ रुपये के चार समझौता ज्ञापनों को मंजूरी दी है। इससे लगभग 2704 रोजगार के अवसर पैदा होंगे।
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जमीन की खरीद-बिक्री पर नई एसओपी
वहीं धर्मों के बीच जमीन की खरीद-बिक्री पर नई मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) बनाई गई है। बाहर से आने वाले एनजीओ जो असम में जमीन लेकर स्कूल या अस्पताल खोलना चाहते हैं, उनकी जांच अब राष्ट्रीय सुरक्षा के नजरिए से होगी। वहीं, स्थानीय एनजीओ पर यह सख्ती लागू नहीं होगी।
'ऐसे सभी मामलों को सरकार की विशेष शाखा जांचेगी'
सीएम ने कहा कि असम जैसे संवेदनशील राज्य में धर्मों के बीच जमीन का लेन-देन सामाजिक ताने-बाने को प्रभावित कर सकता है। इसलिए अब ऐसे सभी मामलों को सरकार की विशेष शाखा जांचेगी। इसमें यह देखा जाएगा कि पैसा कहां से आया है, क्या आयकर रिटर्न में दिखाया गया है, स्थानीय लोगों को कोई आपत्ति है या नहीं, और राष्ट्रीय सुरक्षा का कोई पहलू जुड़ा है या नहीं। तभी कलेक्टर को जमीन ट्रांसफर की अनुमति दी जाएगी।
सैयदा हामिद पर सीएम का बयान
पूर्व योजना आयोग सदस्य सैयदा हामिद पर भी सीएम से सवाल पूछा गया। उन्होंने कहा कि उनके खिलाफ फिलहाल एफआईआर दर्ज नहीं की जाएगी। सीएम सरमा ने कहा कि अगर एफआईआर की जाएगी तो वे अलग-अलग जगह से चंदा इकट्ठा कर इसे मुद्दा बनाएंगी। लेकिन अगर वे असम वापस आती हैं तो उनके साथ कानून और हमारी संस्कृति के मुताबिक सम्मानजनक व्यवहार किया जाएगा।