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Assam: 'हम पर विश्वास करें', हमने कुकी से कोई सौदा नहीं किया', CM हिमंत ने दी सफाई

Tue, 08 Aug 2023 09:52 PM IST
अभिषेक दीक्षित अमर उजाला ब्यूरो, गुवाहाटी

सार

असम के मुख्यमंत्री आरोप लगाया कि पूर्वोत्तर में कांग्रेस के हाथ खून से रंगे हैं। पिछले 75 वर्षों में उसके किसी भी प्रधानमंत्री ने इस क्षेत्र को कोई तवज्जो नहीं दी। वे संसद में अविश्वास प्रस्ताव के दौरान कांग्रेस के आरोपों का जवाब दे रहे थे।
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हिमंत बिस्व सरमा - फोटो : facebook.com/himantabiswasarma
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विस्तार
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असम के मुख्यमंत्री और पूर्वोत्तर लोकतांत्रिक गठबंधन (नेडा) के संयोजक हिमंत बिस्व सरमा ने 2017 में मणिपुर विधानसभा चुनाव से पहले कुकी उग्रवादी संगठन के साथ कथित तौर पर सौदा से इनकार किया है। उन्होंने कहा, 'मैं इन आरोपों को खारिज करता हूं। हमने (भाजपा) 2018 में भी इन आरोपों का खंडन किया था। हिमंत ने कहा कि एक उग्रवादी संगठन ने जो कहा, उस पर लोग यकीन करते हैं, हम पर नहीं। हम पर विश्वास करें, उन पर नहीं।

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विशेष रूप से एसओओ के तहत कुकी संगठनों में से एक के नेता द्वारा केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को लिखे गए एक पत्र में दावा किया गया था कि 2017 विधानसबा चुनाव में दो भाजपा नेताओं, असम के सीएम हिमंत बिस्वा सरमा और राम माधव ने भाजपा की जीत सुनिश्चित करने के लिए कुकी संगठनों की मदद ली थी। उल्लेखनीय है कि भाजपा 2017 में पहली बार मणिपुर में सत्ता में आई थी।

यह पत्र 8 जून, 2023 को एनआईए अदालत में यूनाइटेड कुकी लिबरेशन फ्रंट (यूकेएलएफ) के अध्यक्ष एसएस हाओकिप द्वारा दायर एक हलफनामे के साथ संलग्न अनुलग्नकों में से एक था। यूकेएलएफ परिचालन निलंबन (एसओओ) के तहत सशस्त्र कुकी संगठनों में से एक है।
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सूत्रों के मुताबिक पत्र में यूकेएलएफ नेता ने आरोप लगाया था कि 2017 में, उनके संगठन और एक अन्य कुकी संगठन यूनाइटेड पीपल फ्रंट (यूपीएफ) ने राम माधव और हिमंत बिस्वा सरमा के साथ एक 'समझौते' के अनुसार, भाजपा उम्मीदवारों की मदद की थी।

पूर्वोत्तर में कांग्रेस के हाथ खून से रंगे: हिमंत
असम के मुख्यमंत्री आरोप लगाया कि पूर्वोत्तर में कांग्रेस के हाथ खून से रंगे हैं। पिछले 75 वर्षों में उसके किसी भी प्रधानमंत्री ने इस क्षेत्र को कोई तवज्जो नहीं दी। वे संसद में अविश्वास प्रस्ताव के दौरान कांग्रेस के आरोपों का जवाब दे रहे थे। उन्होंने एक संवाददाता सम्मेलन में कहा कि क्षेत्र में संकट सबसे पुरानी पार्टी की दोषपूर्ण नीतियों के कारण है। कांग्रेस को समीक्षा करनी चाहिए कि उसकी गलत नीतियों के कारण मणिपुर क्यों जल रहा है। उन्होंने पूर्वोत्तर में दुखद स्थिति पैदा कर दी है।

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