मुख्य चुनाव आयुक्त राजीव कुमार।
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भारत के मुख्य चुनाव आयुक्त राजीव कुमार ने मंगलवार को कहा कि लगभग सभी संगठनों ने असम में निर्वाचन क्षेत्रों की आगामी परिसीमन प्रक्रिया का समर्थन किया है। पत्रकारों से बातचीत करते हुए कुमार ने कहा, जहां संगठनों ने परिसीमन पर समर्थन दिया, वहीं उन्होंने कुछ सवालों की ओर इशारा भी किया है।
सीईसी ने कहा कि प्रक्रिया से संबंधित सबसे आम सवाल यह था कि इसे 2001 की जनगणना के साथ क्यों किया जा रहा है। संगठनों द्वारा उठाए गए अन्य प्रश्न एनआरसी से संबंधित थे। कुमार ने कहा कि रविवार को गुवाहाटी पहुंची भारतीय चुनाव आयोग (ईसीआई) की टीम ने करीब 60 संगठनों के साथ नौ राजनीतिक दलों (राष्ट्रीय और क्षेत्रीय दोनों) से मुलाकात की। सभी संगठनों ने उन्हें इस प्रक्रिया पर बहुत अच्छे सुझाव और टिप्पणियां दीं।
उन्होंने बताया कि असम में 2008 में परिसीमन अधिनियम 2002 के तहत परिसीमन किया जाना था, लेकिन कुछ कारणों से इसे टाल दिया गया था। हालांकि, 2020 में भारत के राष्ट्रपति ने परिसीमन प्रक्रिया को फिर से शुरू करने के लिए हरी झंडी दे दी। कुमार ने कहा कि 2001 की जनगणना को आधार वर्ष के रूप में निर्धारित किया गया है क्योंकि यह भारतीय संविधान की धारा 170(बी) पर आधारित थी। सुझाव अभी भी 15 अप्रैल, 2023 तक स्वीकार किए जाएंगे। उन्होंने कहा कि परिसीमन राज्य में विभिन्न समुदायों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए किया जाएगा।