असम में विधानसभा चुनाव के लिए कांग्रेस पार्टी के तीन उम्मीदवारों का नामांकन खारिज कर दिया गया है। इनमें जालुकबारी सीट शामिल है, जहां मुख्यमंत्री हिमंत बिस्व सरमा चुनाव लड़ रहे हैं। चुनाव आयोग ने मंगलवार को यह जानकारी दी।
किन तीन नेताओं के नामांकन पत्र खारिज हुए?
चुनाव आयोग की वेबसाइट के मुताबिक, शाम साढ़े चार बजे तक कुल 18 नामांकन पत्र रद्द किए गए हैं। लेकिन जांच की प्रक्रिया अभी पूरी नहीं हुई है। जिनके नामांकन खारिज हुए हैं, उनमें आनंद नराह (धकुआखाना), निर्मल लंगथासा (हाफलोंग) और बिदिशा नियोग (जालुकबारी) शामिल हैं।
नंदिता गार्लोसा ने कांग्रेस से जमा किया नामांकन पत्र
धकुआखाना सीट पर वर्तमान में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के पूर्व मंत्री नबा कुमार डोले का कब्जा है। हाफलोंग सीट के लिए नंदिता गार्लोसा की कांग्रेस से उम्मीदवारी को स्वीकार किया गया है। नंदिता रविवार रात को विपक्षी दल में शामिल हुईं और अगले ही दिन उन्होंने अपना नामांकन पत्र दाखिल किया। वह भाजपा सरकार में कैबिनेट मंत्री रहीं। ईसीआई की वेबसाइट पर नामांकन खारिज करने के कारण नहीं बताए गए हैं।
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अन्य दलों के नेताओं के नामांकन भी रद्द
इसके अलावा, अब तक जिन अन्य उम्मीदवारों का नामांकन खारिज किया गया है, उनमें झारखंड मुक्ति मोर्चा (जेएमएम) और वोटर्स पार्टी इंटरनेशनल के तीन-तीन उम्मीदवार, एसयूसीआई (कम्युनिस्ट) और अपनी जनता पार्टी के एक-एक उम्मीदवार और आठ स्वतंत्र उम्मीदवार शामिल हैं।
राज्य में कब होंगे चुनाव और मतगणना?
126 सदस्यीय विधानसभा के लिए 815 से अधिक उम्मीदवारों ने कुल 1389 नामांकन पत्र जमा किए थे, जिनमें कई उम्मीदवारों ने एक से अधिक सेट के नामांकन पत्र दाखिल किए। चुनाव 9 अप्रैल को होंगे और मतों की गिनती चार मई को की जाएगी। उम्मीदवारों के नाम वापस लेने की अंतिम तारीख 26 मार्च है।