असम में मतगणना से पहले मुख्यमंत्री हिमंत बिस्व सरमा ने भाजपा नेताओं के साथ बैठक कर तैयारियों की समीक्षा की। राज्य की 126 सीटों पर सोमवार को गिनती होगी। एग्जिट पोल भाजपा को 80 से ज्यादा सीटें मिलने का अनुमान जता रहे हैं। पार्टी लगातार तीसरी बार सत्ता में आने की उम्मीद कर रही है।
असम विधानसभा चुनाव के नतीजों की घोषणा से पहले भाजपा ने अपनी कमर कस ली है। मुख्यमंत्री हिमंत बिस्व सरमा ने रविवार को पार्टी के उम्मीदवारों, सांसदों, राज्य के पदाधिकारियों और जिला अध्यक्षों के साथ एक महत्वपूर्ण ऑनलाइन बैठक की। इस बैठक का मुख्य उद्देश्य सोमवार को होने वाली मतगणना की तैयारियों की समीक्षा करना था।
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बैठक में प्रदेश भाजपा अध्यक्ष दिलीप सैकिया भी शामिल हुए। पार्टी के वरिष्ठ नेताओं ने जिला स्तर की रिपोर्ट ली और स्थानीय इकाइयों को सावधान रहने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि मतगणना एजेंटों और चुनाव प्रतिनिधियों के साथ लगातार संपर्क बनाए रखें। इस चर्चा में बूथ स्तर की निगरानी, मतगणना के इंतजाम और नतीजों के बाद की सांगठनिक रणनीति पर विस्तार से बात हुई।
सोमवार की सुबह से होगी वोटों की गिनती
असम की 126 सीटों के लिए सोमवार सुबह से वोटों की गिनती शुरू होगी। चुनाव आयोग के नियमों के अनुसार, सबसे पहले पोस्टल बैलेट गिने जाएंगे। इसके बाद ईवीएम (EVM) के वोटों की गिनती होगी। पूरे राज्य में सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं।
एग्जिट पोल में भाजपा आगे
भाजपा के नेतृत्व वाला राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) राज्य में लगातार तीसरी बार सरकार बनाने की कोशिश में है। वहीं, कांग्रेस के नेतृत्व वाला विपक्षी गठबंधन भी अपनी जीत को लेकर पूरी तरह आश्वस्त है। कई एग्जिट पोल के अनुमानों में भाजपा की बड़ी जीत की बात कही गई है। इन अनुमानों के मुताबिक, मुख्यमंत्री हिमंत बिस्व सरमा दोबारा सत्ता में लौट सकते हैं।
ज्यादातर सर्वे बता रहे हैं कि भाजपा 126 सीटों वाली विधानसभा में बहुमत का आंकड़ा आसानी से पार कर लेगी। अनुमान है कि पार्टी अकेले 80 से ज्यादा सीटें जीत सकती है। असम में सरकार बनाने के लिए बहुमत का आंकड़ा 64 सीटों का है।
क्या है 2021 के आंकड़े?
अगर ये अनुमान सही साबित होते हैं, तो यह भाजपा के लिए एक बड़ा जनादेश होगा। इससे हिमंत बिस्व सरमा का नेतृत्व और मजबूत होगा, जिन्होंने 2021 के चुनाव के बाद मुख्यमंत्री पद संभाला था। साल 2021 के चुनाव में भाजपा गठबंधन ने 75 सीटें जीतकर सत्ता बरकरार रखी थी। उस समय कांग्रेस गठबंधन को 50 सीटें मिली थीं और एक सीट निर्दलीय के खाते में गई थी। पिछली बार भी असम में एग्जिट पोल के नतीजे काफी हद तक सही साबित हुए थे। फिलहाल सबकी नजरें अंतिम नतीजों पर टिकी हैं।