असम गण परिषद सत्तारूढ़ भाजपा की सहयोगी पार्टी है। उन्होंने आरोप लगाया कि असम की सरकार इस समय रिमोट कंट्रोल से चल रही है। अगर आप उन्हें दोबारा चुनेंगे तो नुकसान में रहेंगे। इसलिए कांग्रेस की सरकार बनाइए और अपना मुख्यमंत्री बनाइए।’’
कांग्रेस नेता ने यह भी आरोप लगाया कि भाजपा सरकार ने युवाओं, किसानों और चाय बागान श्रमिकों समेत समाज के सभी वर्गों के साथ धोखा किया है, क्योंकि उसने पांच साल पहले किया अपना कोई भी वादा पूरा नहीं किया।
प्रधानमंत्री पर निशाना साधते हुए प्रियंका ने कहा कि प्रधानमंत्री ने यह भी कहा था कि कांग्रेस ने असमिया संस्कृति और लोगों का अपमान किया और जनता हमें माफ नहीं करेगी। क्या यह पूर्व मुख्यमंत्री तरुण गोगोई का अपमान नहीं है, जो आज इस दुनिया में नहीं हैं? गोगोई असम के लिए जीते रहे और अंतिम सांस तक यहां के लोगों के लिए काम करते रहे।
उन्होंने उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पर भी 15वीं-16वीं शताब्दी के वैष्णव विद्वान श्रीमंत शंकरदेव का अपमान करने का आरोप लगाया। प्रियंका ने आरोप लगाया कि भाजपा का एकमात्र मकसद असम की प्रमुख संपत्तियों को मोदी के दो-तीन करीबी उद्योगपति मित्रों को सौंपना है।
बता दें कि कांग्रेस महासचिव ने दो मार्च को असम के विश्वनाथ में एक चाय बागान का दौरा किया था और श्रमिकों से बात की थी। उन्होंने चाय पत्तियां तोड़ने में भी चाय बागान की महिला श्रमिकों की मदद की थी, जिसे भाजपा नेताओं ने ‘नौटंकी’ करार दिया था।
असम में अपने पिछले दौरे में चाय बागान जाने का जिक्र करते हुए प्रियंका ने कहा कि उन्हें चाय बागान श्रमिकों की जीवनशैली के बारे में पता चला और महसूस हुआ कि चाय बागान में काम करने वाली बहनें संस्कृति और पहचान की संरक्षक हैं।
असम में ‘डबल इंजन’ की सरकार वाले प्रधानमंत्री के चर्चित बयान के बारे में प्रियंका ने कटाक्ष करते हुए कहा कि राज्य में अभी ‘‘दो मुख्यमंत्री’’ हैं। उन्होंने शक्तिशाली मंत्री हिमंत बिस्व सरमा और मुख्यमंत्री सर्बानंद सोनोवाल के बीच सत्ता को लेकर खींचतान होने की अटकलों का जिक्र करते हुए यह टिप्पणी की।
उन्होंने कहा, ‘‘प्रधानमंत्री ने कहा कि आपके पास डबल इंजन की सरकार है, लेकिन असम के पास दो मुख्यमंत्री हैं। मुझे नहीं पता कि कौन से ईंधन से कौन-सा इंजन चलेगा। असम में असम सरकार नहीं चल रही है...असम गण परिषद भी अब दिल्ली गण परिषद हो गयी है क्योंकि वह भी दिल्ली की मंजूरी के बिना काम नहीं कर सकती। भगवान आपको बचाए।