असम की भ्रष्टाचार विरोधी निदेशालय ने बुधवार को एक पुलिस उप निरीक्षक को रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों पकड़ा। पुलिस के अनुसार, आरोपी को पकड़ने के लिए टीम ने उसके कार्यालय में ही एक जाल बिछाया था।
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योजना के तहत पुलिस उप निरिक्षक शिकायतकर्ता से एक पुराने लंबित मामले में राहत देने के लिए मांगी गई रिश्वत का हिस्सा स्वीकार करते हुए पकड़ा गया। रिश्वत लेने वाले आरोपी सुरजुल हक है, जो कि असम के नगांव में पुलिस उप निरीक्षक के तौर पर कार्यरत थे। उनके खिलाफ अब कानूनी कार्रवाई चल रही है।
पिछले महीने ही असम की सतर्कता और भ्रष्टाचार निरोधक निदेशालय ने दो सरकारी कर्मचारियों को रिश्वत के मामले में रंगे हाथ पकड़ा था। गिरफ्तार किए गए सरकारी कर्मचारियों की पहचान उदलगुरी जिले के कलईगांव के राजस्व मंडल अधिकारी कार्यालय से कनक चंद्र बरुआ, लाट मंडल और दिलीप बोराह, गांवबुराह (ग्राम प्रधान) के रूप में की गई थी। उन्हें 10,000 रुपये रिश्वत के तौर पर लेते हुए पकड़ा था।