कांग्रेस ने शनिवार को मांग की कि एजूर पावर की तरफ से असम में किए गए निवेश को विपक्षी दलों की तरफ से मांग की गई संयुक्त संसदीय समिति (जेपीसी) की जांच के दायरे में लाया जाए। एजूर पावर और गौतम अदाणी पर अमेरिकी अभियोजकों ने भारतीय अधिकारियों को सौर ऊर्जा परियोजनाओं के ठेके प्राप्त करने के लिए रिश्वत देने का आरोप लगाया है।
असम कांग्रेस अध्यक्ष का सीएम सरमा पर आरोप
मामले में असम कांग्रेस के अध्यक्ष भूपेन कुमार बोरा ने कहा कि राज्य के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने एजूर पावर को सौर ऊर्जा परियोजनाओं के ठेके देने में अवैध वित्तीय लाभ प्राप्त किया हो सकता है। एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में उन्होंने कहा, 'हमारी पार्टी पहले ही अदाणी के खिलाफ जेपीसी की मांग कर चुकी है। हम चाहते हैं कि एजूर पावर की असम में परियोजनाओं को भी जेपीसी की जांच के दायरे में लाया जाए।
व्यापक जेपीसी जांच समय की जरूरत- खरगे
इससे पहले कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने शुक्रवार को कहा कि अदाणी समूह की गतिविधियों और भारत में संस्थानों की स्थिति पर व्यापक जेपीसी जांच समय की जरूरत है। राहुल गांधी ने अदाणी की तुरंत गिरफ्तारी की मांग करते हुए कहा कि अमेरिकी जांच में साबित हो गया है कि उन्होंने भारतीय और अमेरिकी कानून तोड़े हैं।
अमेरिकी न्याय विभाग ने आरोप लगाया है कि अदाणी और अन्य ने आंध्र प्रदेश और ओडिशा के अधिकारियों को महंगी सौर ऊर्जा खरीदने के लिए रिश्वत दी, जिससे उन्हें 20 साल में 2 बिलियन डॉलर से अधिक का मुनाफा हुआ।
असम के चार जिलों में एजूर पावर की सौर ऊर्जा परियोजना
एजूर पावर ने असम में चार जिलों (उदलगुरी, बोको, नगांव और कछार) में 90 मेगावाट सौर ऊर्जा परियोजनाएं स्थापित की हैं, जिन्हें मुख्यमंत्री सरमा ने जुलाई 2022 में उद्घाटन किया था। बोरा ने आरोप लगाया कि इन परियोजनाओं को मंजूरी देने में रिश्वत दी गई हो सकती है।
अरुणाचल प्रदेश कांग्रेस ने भी जेपीसी जांच की मांग की
इसी प्रकार, अरुणाचल प्रदेश कांग्रेस ने भी जेपीसी जांच की मांग की है। पार्टी की उपाध्यक्ष मीना टोकों ने आरोप लगाया कि भारत की जांच एजेंसियां जैसे सेबी, सीबीआई और ईडी अदाणी के खिलाफ कार्रवाई करने में विफल रही हैं। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि इन एजेंसियों का दुरुपयोग विपक्षी नेताओं को निशाना बनाने के लिए किया गया है। हालांकि अदाणी समूह ने इन आरोपों को निराधार बताते हुए कहा कि वे हमेशा उच्चतम मानकों का पालन करते हैं और इन आरोपों का कानूनी तौर पर विरोध करेंगे।