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असम: बरपेटा में एबीटी से जुड़े मदरसे को प्रशासन ने ढहाया, सीएम सरमा बोले- यहां पढ़ाई-लिखाई नहीं होती

Mon, 29 Aug 2022 09:45 PM IST
अभिषेक दीक्षित अमर उजाला ब्यूरो, बरपेटा

सार

ढकलियापारा मस्जिद के शिक्षक के रूप में कार्यरत बांग्लादेश के नागरिक सैफुल इस्लाम उर्फ हारून राशिद उर्फ मोहम्मद सुमन को पिछले महीने गिरफ्तार किया गया था। रिपोर्टों के अनुसार, सैफुल इस्लाम ने 2019 में बारपेटा जिले में शेखुल हिंद महमूदुल हसन जमीउल हुदा मदरसा की स्थापना की थी।
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मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा - फोटो : Himanta Biswa Sarma/Twitter
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विस्तार
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बारपेटा जिला प्रशासन ने सोमवार को असम के बारपेटा जिले के ढकलियापारा इलाके में शेखुल हिंद महमूदुल हसन जमीउल हुदा नाम के एक मदरसे को ढहा दिया। सूत्रों के अनुसार, मदरसे को अल-कायदा भारतीय उपमहाद्वीप (एक्यूआईएस) और बांग्लादेश स्थित आतंकवादी समूह अंसारुल बांग्ला टीम (एबीटी) के साथ कथित संबंधों के चलते ढहाया गया।

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उल्लेखनीय है कि ढकलियापारा मस्जिद के शिक्षक के रूप में कार्यरत बांग्लादेश के नागरिक सैफुल इस्लाम उर्फ हारून राशिद उर्फ मोहम्मद सुमन को पिछले महीने गिरफ्तार किया गया था। रिपोर्टों के अनुसार, सैफुल इस्लाम ने 2019 में बारपेटा जिले में शेखुल हिंद महमूदुल हसन जमीउल हुदा मदरसा की स्थापना की थी।

गिरफ्तार किए गए मोहम्मद रशीद उस मदरसे के प्रिंसिपल था, जिसे आज गिराया गया। वह युवाओं को मॉड्यूल में शामिल होने के लिए प्रेरित करने और बारपेटा को जिहादी गतिविधियों के लिए एक आधार के रूप में विकसित करने के लिए जिम्मेदार था।
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वहीं, असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्व सरमा ने कहा कि मदरसों को आतंकियों के ट्रेनिंग हब के तौर पर इस्तेमाल किया जा रहा है। इनमें शिक्षा नहीं दी जा रही, बल्कि आतंक की ट्रेनिंग दी जा रही है। असम में अब तक ऐसे दो मदरसों को गिराया जा चुका है। बरपेटा मसले पर उन्होंने कहा कि जांच में पता चला है कि मदरसे में अल कायदा का ट्रेनिंग कैंप चल रहा था। यहां पढ़ाई-लिखाई नहीं होती थी।

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