असम में 105 करोड़ रुपये के राज्य शैक्षिक अनुसंधान और प्रशिक्षण परिषद (एससीईआरटी) घोटाले के संबंध में मुख्यमंत्री के विशेष सतर्कता सेल ने एक विशेष अदालत के समक्ष 1433 पन्नों की चार्जशीट दाखिल की है। इसमें घोटाले में शामिल 21 आरोपियों के बारे में विस्तृत गतिविधियों का वर्णन किया गया है। आरोपपत्र में निलंबित आईएएस अधिकारी सेवाली देवी शर्मा समेत छह अन्य सरकारी अधिकारियों को आरोपी बनाया गया है। शुक्रवार को दाखिल चार्जशीट में कथित संलिप्तता के लिए पत्रकारों और आरटीआई कार्यकर्ताओं सहित पांच ठेकेदारों को भी नामित किया गया था। अदालत ने छह सरकारी कर्मचारियों द्वारा निभाई गई भूमिकाओं की विभागीय जांच की अनुमति भी दे दी।
मई में मुख्यमंत्री के विशेष सतर्कता प्रकोष्ठ ने मामले के सिलसिले में गुवाहाटी के दो पत्रकारों सहित चार और लोगों को गिरफ्तार किया था। इसमें पत्रकारों की पहचान पुजामोनी दास उर्फ हनी कश्यप और भास्कर ज्योति हजारिका के रूप में की गई। इसी मामले में आरटीआई कार्यकर्ता अनुप सैकिया और रबिजीत गोगोई की भी गिरफ्ताीर हुई थी।
जानकारी के मुताबिक निलंबित आईएएस अधिकारी सेवाली देवी शर्मा को सीएम की विजिलेंस सेल ने उनके दामाद अजीत पाल के साथ राजस्थान से गिरफ्तार किया था। उल्लेखनीय है कि कथित घोटाला 2017 और 2020 के बीच राज्य शैक्षिक अनुसंधान और प्रशिक्षण परिषद (एससीईआरटी), असम के कार्यकारी अध्यक्ष और निदेशक के रूप में उनके कार्यकाल के दौरान हुआ।