राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) ने प्रतिबंधित संगठन दुख्तरान-ए-मिल्लत की प्रमुख आसिया अंद्राबी और दो अन्य को अपनी हिरासत में लिया है। अधिकारियों ने यह जानकारी दी। दिल्ली की एक अदालत ने आसिया अंद्राबी और दो अन्य लोगों को 10 दिनों के लिए एनआईए की हिरासत में भेजा है।
देश के खिलाफ कथित तौर पर जंग करने और जम्मू-कश्मीर में घृणा फैलाने वाले भाषण देने के संबंध में इन सभी के खिलाफ अप्रैल में एक मामला दर्ज किया गया था। जम्मू-कश्मीर हाईकोर्ट ने श्रीनगर की जेल में बंद अंद्राबी की जमानत पिछले महीने खारिज कर दी थी। अधिकारियों ने बताया कि उसे और उसकी दो साथियों सोफी फहमीदा और नाहिदा नसरीन को कश्मीर से यहां लाया गया है।
उन्होंने बताया कि हिरासत में लेकर पूछताछ करने के लिए इन तीनों को एनआईए की विशेष अदालत में पेश किया गया। गृह मंत्रालय के निर्देशों पर एनआईए ने इस साल अप्रैल में इन के साथ-साथ इनके संगठन के खिलाफ एक मामला दर्ज किया था। दुख्तरान-ए- मिल्लत गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम, 1967 के तहत एक प्रतिबंधित संगठन है।
आतंकी संगठनों से मदद लेने का आरोप
एफआईआर में आरोप है कि आसिया अंद्राबी ने आतंकी संगठनों से मदद ली। इसके साथ ही उसके सहयोगियों पर भारत सरकार के खिलाफ युद्ध छेड़ने का षड्यंत्र रचने का भी आरोप है।
अंद्राबी को जम्मू-कश्मीर पुलिस ने इस साल अप्रैल में अनंतनाग से गिरफ्तार किया था। उस समय वह क्षेत्र में कथित रूप से बड़े पैमाने पर प्रदर्शन व पत्थरबाजी की योजना बना रही थी। अदालत की तरफ से जमानत मिलने के बावजूद अंद्राबी को रिहा नहीं किया और पुलिस ने उसे अन्य मामले में गिरफ्तार कर लिया।