सेंट फ्रांसिस जेवियर कास्केट (फाइल फोटो)
गोवा के संरक्षक सेंट फ्रांसिस जेवियर के लकड़ी और चांदी से बने शवपेटिका या कास्केट का 2020 में भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण की औरंगाबाद स्थित विज्ञान शाखा मरम्मत करेगा। एक वरिष्ठ अधिकारी ने शुक्रवार को बताया इस कार्य के लिए अत्यधिक परिशुद्धता की जरूरत होती है। कैथोलिक चर्च ने 1622 में फ्रांसिस को सेंट घोषित किया था और उनके शव को चांदी की शवपेटिका में रखा गया।
इस शवपेटिका को 1624 में बेसिलिका ऑफ बॉम जीसस चर्च में रखा गया। नई शवपेटिका को 1637 में गोवा के सिल्वरस्मिथ ने बनाया था। महाराष्ट्र और गोवा के उपाधीक्षण पुरातत्व रसायनज्ञ श्रीकांत मिश्रा ने बताया कि हमें गोवा में सेंट फ्रांसिस जेवियर के शवपेटिका के मरम्मत की अनुमति मिल गई है। कुछ औपचारिकताएं बाकी हैं लेकिन नए साल पर हम अपना काम शुरू कर देंगे। यह काम बहुत ही नाजुक है।
लड़की का हिस्सा और चांदी की प्लेटों पर अलग-अलग ढंग से काम करना होगा। शवपेटिका के निरीक्षण का काम हो चुका है। लड़की की शवपेटिका की 32 प्लेट को बहुत ही सावधानी से हटाना की जरूरत होगी। शवपेटिका की मरम्मत के काम में एएसआई के पांच से छह लोग लगेंगे लेकिन इसमें और विशेषज्ञों को भी शामिल किया जा सकता है। सेंट फ्रांसिस जेवियर का निधन 3 दिसंबर 1552 में 46 साल की उम्र में हुआ था।