वैष्णव ने कहा कि भारत में इलेक्ट्रॉनिक उत्पादन बीते कुछ दशकों में पांच गुना बढ़ चुका है और अब यह 11 लाख करोड़ रुपये का हो चुका है। साथ ही हमारा इलेक्ट्रॉनिक उत्पादनों का निर्यात 3.5 लाख करोड़ रुपये तक पहुंच गया है।
भारत के इलेक्ट्रोनिक्स और आईटी मंत्री अश्विनी वैष्णव ने अपने एक बयान में कहा है कि भारत के इलेक्ट्रोनिक उत्पादों की पहचान तेजी से बढ़ रही है। उन्होंने कहा कि भारत में बने इलेक्ट्रोनिक उत्पादों पर भरोसा बढ़ रहा है और इसकी वजह भारत में बने उत्पादों में बौद्धिक संपदा की सुरक्षा के प्रति समर्पण है। उन्होंने कहा कि इससे उत्पादन, डिजाइन के क्षेत्र में भारतीय युवाओं के लिए अवसर बढ़ रहे हैं।
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मेक इन इंडिया अभियान से आया बड़ा बदलाव
मानेसर में वीवीडीएन टेक्नलॉजीज ग्लोबल इनोवेशन पार्क में आयोजित एक कार्यक्रम में अश्विनी वैष्णव ने कहा कि भारत सरकार के मेक इन इंडिया अभियान की मदद से बड़ा बदलाव आया है। उन्होंने कहा कि 'समय के साथ भारत ने अपने इलेक्ट्रॉनिक डिजाइन की क्षमताओं को मजबूत किया है। अब ये क्षमता ऑटोमोबाइल सेक्टर, ऊर्जा क्षेत्र, सिग्नलिंग और सिक्योरिटी सिस्टम में भी शामिल की गई हैं। इन उत्पादों की डिजाइन और उत्पादन भारत में तेजी से बढ़ रहा है, जो पीएम मोदी के नेतृत्व में मेक इन इंडिया अभियान की बड़ी उपलब्धि है।'
11 लाख करोड़ रुपये हो चुका है इलेक्ट्रॉनिक उत्पादन
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि हमारे देश में आज ऐसी कंपनियां हैं, जिसकी डिजाइन टीम में पांच हजार इंजीनियर हैं। ये युवा इंजीनियर कुछ बहुत ही जटिल उत्पादों को डिजाइन कर रहे हैं। उन्होंने इसे तकनीक के क्षेत्र में बड़ा कदम बताया। वैष्णव ने कहा कि भारत में इलेक्ट्रॉनिक उत्पादन बीते कुछ दशकों में पांच गुना बढ़ चुका है और अब यह 11 लाख करोड़ रुपये का हो चुका है। साथ ही हमारा इलेक्ट्रॉनिक उत्पादनों का निर्यात 3.5 लाख करोड़ रुपये तक पहुंच गया है। उन्होंने कहा कि इस सेक्टर में देश में 25 लाख लोग कार्यरत हैं, जिनमें से कई बेहद अहम तकनीकों पर काम कर रहे हैं।