केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने देश की आर्थिक स्थिति और तकनीकी प्रगति पर महत्वपूर्ण जानकारी साझा की है। उन्होंने कहा कि वैश्विक स्तर पर युद्ध अभी थमा नहीं है। हाल के घटनाक्रमों को देखते हुए लगता है कि शांति स्थापित होने में अभी काफी समय लगेगा। ऐसे चुनौतीपूर्ण समय में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देशवासियों से एक विशेष आग्रह किया है। हमें उन सभी वस्तुओं पर अपना खर्च घटाना होगा, जिन्हें खरीदने के लिए देश को विदेशी मुद्रा खर्च करनी पड़ती है।
क्या बोले अश्विनी वैष्णव
अश्विनी वैष्णव ने स्पष्ट किया कि नागरिक अपनी जीवनशैली में बदलाव लाकर विदेशी मुद्रा बचाने में मदद कर सकते हैं। उन्होंने डीजल और पेट्रोल का उदाहरण देते हुए कहा कि इनका कम उपयोग देश की अर्थव्यवस्था के लिए अच्छा होगा। मंत्री ने व्यापारियों और उद्यमियों से भी अपील की कि वे अपने स्तर पर विदेशी मुद्रा बचाने के रास्ते खोजें। उन्होंने जोर दिया कि हमें केवल बचत ही नहीं करनी है, बल्कि ज्यादा से ज्यादा विदेशी मुद्रा कमाने के प्रयास भी करने होंगे। ये दोनों प्रक्रियाएं साथ-साथ चलनी चाहिए।
सेमीकंडक्टर निर्माण पर दिया बड़ा अपडेट
सेमीकंडक्टर निर्माण के मुद्दे पर मंत्री ने बड़ी जानकारी दी। उन्होंने बताया कि भारत ने इस दिशा में अपनी यात्रा साल 1962 में शुरू की थी। इस लक्ष्य को पाने के लिए देश के कई पूर्व प्रधानमंत्रियों ने अपने-अपने समय में गंभीर प्रयास किए। पंडित जवाहरलाल नेहरू, इंदिरा गांधी, राजीव गांधी और डॉक्टर मनमोहन सिंह ने इस क्षेत्र में भारत को आगे ले जाने की कोशिश की। हालांकि, इन दशकों पुराने प्रयासों को असली सफलता प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कार्यकाल में मिली है।
आज भारत सेमीकंडक्टर के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनने की ओर तेजी से बढ़ रहा है। वर्तमान में देश की दो फैक्ट्रियां व्यावसायिक उत्पादन शुरू कर चुकी हैं। तीसरी फैक्ट्री इसी साल जुलाई के महीने में उत्पादन शुरू कर देगी। इसके बाद चौथी फैक्ट्री भी नवंबर या दिसंबर तक तैयार हो जाएगी। मंत्री ने सभी नागरिकों और उद्यमियों से प्रधानमंत्री के इस आह्वान को गंभीरता से लेने और देश की प्रगति में योगदान देने का अनुरोध किया है।
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केंद्रीय मंत्री ने रेल परियोजनाओं पर कही ये बात
केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने भारतीय रेलवे की प्रगति और भविष्य की योजनाओं पर भी बड़ी जानकारी दी है। उन्होंने बताया कि रेलवे ने वित्त वर्ष के लिए तय बजट का 98 प्रतिशत हिस्सा फरवरी के अंत तक ही इस्तेमाल कर लिया है। यह दिखाता है कि रेलवे के प्रोजेक्ट्स कितनी तेजी से पूरे हो रहे हैं। पिछले वित्त वर्ष में भी मार्च के पहले हफ्ते तक लगभग पूरा बजट खर्च हो चुका था। फरवरी के आखिरी हफ्ते तक यह आंकड़ा 98 प्रतिशत से ज्यादा था। इसके बाद काम की गति को थोड़ा संभालना पड़ा ताकि पूरा साल व्यवस्थित तरीके से पूरा हो सके।
रेलवे के विस्तार पर बात करते हुए मंत्री ने कहा कि देश में 49,000 किलोमीटर रेलवे ट्रैक का बिजलीकरण हो चुका है। यह आंकड़ा जर्मनी के पूरे रेल नेटवर्क से भी बड़ा है। इसके अलावा, भारत ने अपने नेटवर्क में 36,000 किलोमीटर नई पटरियां जोड़ी हैं। यह विस्तार स्विट्जरलैंड जैसे छह देशों के कुल रेल नेटवर्क के बराबर है।
रेल मंत्री ने किया दावा
अश्विनी वैष्णव ने दावा किया कि आने वाले समय में कई रूटों पर ट्रेनें हवाई जहाजों को कड़ी टक्कर देंगी। नए कॉरिडोर बनने से यात्रा का समय इतना कम हो जाएगा कि लोग फ्लाइट की जगह ट्रेन से जाना पसंद करेंगे। उन्होंने एयरलाइन क्षेत्र में निवेश करने वालों को भी संकेत दिया कि इन खास रूटों पर 99 प्रतिशत कब्जा रेलवे का होगा।
यात्रा के समय को लेकर उन्होंने कुछ उदाहरण भी दिए। मुंबई से पुणे का सफर सिर्फ 28 मिनट में पूरा होगा। पुणे से हैदराबाद जाने में 1 घंटा 55 मिनट और हैदराबाद से बेंगलुरु जाने में लगभग 2 घंटे लगेंगे। बेंगलुरु और चेन्नई के बीच की दूरी सिर्फ 78 मिनट में तय होगी, जिससे ये दोनों शहर आपस में जुड़ जाएंगे। इसी तरह दिल्ली से वाराणसी का सफर 3 घंटे 50 मिनट और दिल्ली से लखनऊ का सफर लगभग 2 घंटे का रह जाएगा।
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