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चीन को निर्यात हुए ₹35,000 करोड़ के कलपुर्जे: अश्विनी वैष्णव बोले- भारत में खुलेंगी 250 नई फैक्ट्रियां

Mon, 08 Jun 2026 08:26 PM IST
राकेश कुमार एएनआई, नई दिल्ली।

सार

भारत ने चीन को ₹35,000 करोड़ के इलेक्ट्रॉनिक्स कलपुर्जे निर्यात किए हैं। देश में जल्द ही 250 नई फैक्ट्रियां शुरू होने वाली हैं। इससे रोजगार बढ़ेगा और भारत इलेक्ट्रॉनिक्स के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनेगा। केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने क्या-क्या कहा है? जानिए...  
 
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अश्विनी वैष्णव, केंद्रीय मंत्री - फोटो : @अमर उजाला ग्राफिक्स
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विस्तार
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भारत का इलेक्ट्रॉनिक्स सेक्टर बदल रहा है। अब हम सिर्फ सामान जोड़ते नहीं हैं। भारत अब दुनिया की आपूर्ति शृंखला का हिस्सा है। केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने बड़ी जानकारी दी है। भारत ने पिछले साल चीन को ₹35,000 करोड़ के कंपोनेंट्स भेजे हैं। यह भारत के लिए बड़ी कामयाबी है। देश में कंपोनेंट बनाने का काम तेजी से बढ़ रहा है। अगले दो से तीन साल में 250 नई फैक्ट्रियां खुलेंगी।
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अश्विनी वैष्णव ने एक इंटरव्यू में यह बातें कहीं। उन्होंने कहा कि भारत लगातार आगे बढ़ रहा है। देश में अभी 75 फैक्ट्रियां बन रही हैं। दुनिया के बाकी सफल देशों ने भी यही रास्ता चुना था। भारत भी अब उसी रास्ते पर है।

केवल असेंबली का आरोप पूरी तरह गलत
कुछ लोग कहते हैं कि भारत सिर्फ कलपुर्जे जोड़ता है। मंत्री ने इस आलोचना को गलत बताया। उन्होंने कहा कि ऐसा बिल्कुल नहीं है। भारत ने शुरुआत तैयार सामान बनाने से की थी। चीन और ताइवान ने भी ऐसे ही शुरुआत की थी।
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इसके बाद भारत ने मॉड्यूल बनाना सीखा। अब भारत सीधे कलपुर्जे बना रहा है। केंद्रीय मंत्री ने भारतीय इंजीनियरों की तारीफ की। उन्होंने वंदे भारत ट्रेन का उदाहरण दिया। यह ट्रेन पूरी तरह भारतीय इंजीनियरों ने बनाई है। इसे हमारे ही वेल्डर्स और तकनीशियनों ने तैयार किया है।

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दुनिया का भारत पर बढ़ता भरोसा
अश्विनी वैष्णव ने कहा कि चीन और दक्षिण कोरिया ने 1980 में काम शुरू किया था। भारत ने यह सफर सिर्फ सात से 10 साल पहले शुरू किया। इसके बावजूद भारत तेजी से आगे बढ़ रहा है। भारतीय लोगों में गजब की क्षमता है। भारत जल्द ही दुनिया की बड़ी ताकत बनेगा। आज अमेरिका और यूरोप भारत पर भरोसा करते हैं। वे भारत से इलेक्ट्रॉनिक्स सामान खरीदना चाहते हैं। भारत एक सुरक्षित और भरोसेमंद देश है। फैक्ट्रियां बढ़ने से देश की ताकत बढ़ेगी। इससे युवाओं को अच्छी नौकरियां मिलेंगी।

नई सरकारी योजना से मिलेगी रफ्तार
सरकार ने मार्च में एक बड़ा फैसला लिया। इलेक्ट्रॉनिक्स कंपोनेंट मैन्युफैक्चरिंग स्कीम को मंजूरी दी गई। इसके तहत 29 नए प्रस्ताव पास हुए। पहले भी 46 आवेदनों को मंजूरी मिली थी। पुराना निवेश ₹54,567 करोड़ का था।
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नए प्रस्तावों से ₹7,104 करोड़ का निवेश आएगा। इससे ₹84,515 करोड़ का उत्पादन होगा। इस योजना से 14,246 सीधे रोजगार मिलेंगे। अब तक इस सेक्टर में 25 लाख नौकरियां मिल चुकी हैं। यह सभी नौकरियां बेहतरीन क्वालिटी की हैं।
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