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आसाराम को उम्रकैद: जज ने बिना लंच किए की कार्रवाई पूरी, सजा लिखने तक 10 बड़ी बातें

Wed, 25 Apr 2018 07:07 PM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जोधपुर
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जोधपुर अदालत ने आसाराम को 2013 में एक नाबालिग लड़की से रेप करने का दोषी पाया और उम्रकैद की सजा सुनाई। आसाराम के अलावा यौन शोषण मामले में सह आरोपी शरतचंद और शिल्पी को 20-20 साल की सजा सुनाई गई है। विशेष न्यायाधीश मधुसूदन शर्मा ने जोधपुर सेंट्रल जेल की कोर्टरूम में अपना फैसला सुनाया।

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1. कोर्ट में आज आसाराम के बचाव में 14 वकील थे, जबकि अभियोजन पक्ष की ओर से 2 वकील पेश हुए थे।  

2. नाबालिग से रेप केस में आसाराम के खिलाफ फैसला लिखने में डेढ़ घंटे का वक्त लगा। 

3. जोधपुर कोर्ट के जज मधुसूदन शर्मा ने इस केस की गंभीरता को देखते हुए आज लंच भी नहीं किया।

4. आसाराम के खिलाफ सजा लिखने के बाद जज ने खुद एक प्रूफ रीडिंग की, ताकि फैसले की कॉपी में कोई खामी न रहे।

5. प्रूफ रीडिंग के बाद जज ने टाइप किए हुए फैसले की कॉपी अदालत में पढ़ना शुरू किया, और फिर उम्रकैद की सजा सुनाई।

6. आसाराम ने भी दोपहर का भोजन नहीं किया, उन्होंने खाना खाने से इनकार कर दिया।

 
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7. जेल में लगी अदालत में दोषी करार दिए जाने के बाद आसाराम के चेहरे पर अचानक तनाव दिखने लगा, उम्रकैद की सजा सुनते ही रोने लगा।

8. दोषी करार दिए जाने से पहले आसाराम राहत के लिए अपनी उम्र की दलील दे रहे थे।

9. पुलिस ने कानून-व्यवस्था का हवाला देकर कोर्ट से आज ही सजा का ऐलान करने की अपील की थी।

10. दोषी करार दिए जाने के बाद दोनों वकीलों में सजा को लेकर काफी देर तक बहस हुई।
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