एआईएमआईएम के प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी।
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सहारनपुर प्रशासन द्वारा प्रवासी मजदूरों की 5400 साइकिलों की नीलामी के बाद इस मामले में बवाल मचा हुआ है। ऑल इंडिया मजलिस ए इत्तेहादुल मुस्लमीन (एआईएमआईएम) प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने रविवार को इसे लेकर सीधे भाजपा सरकार पर निशाना साधा है। दरअसल, दो साल पहले कोरोना के कारण लगाए गए लॉकडाउन के दौरान बिहार और उत्तर प्रदेश के प्रवासी मजदूरों की 5400 साइकिलों की नीलामी सहारनपुर जिला प्रशासन ने की है। इसको लेकर ही एआईएमआईएम ने भाजपा पर निशाना साधा।
असदुद्दीन ओवैसी ने साधा निशाना
एक वीडियो पोस्ट को रीट्वीट करते हुए ओवैसी ने कहा कि सरकारी कम्पनियों को बेचते-बेचते अब ग़रीबों की साइकिल भी बेच दी जा रही हैं। भाजपा का बस चले तो वो सीधे-सीधे आपकी जायदाद में हिस्सा मांग लें।
कोरोना काल में साइकिल से सहारनपुर आए थे 25000 प्रवासी मजदूर
गौरतलब है कि उत्तर प्रदेश का सहारनपुर जिला हरियाणा, पंजाब, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड का प्रवेश द्वार है। कोरोना काल में यूपी और बिहार के लगभग 25000 प्रवासी मजदूर साइकिल से सहारनपुर आए थे। ये मजदूर हरियाणा, पंजाब, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में काम करते थे।
क्या था मामला
सहारनपुर पहुंचने पर उन्हें रोककर राधा स्वामी सत्संग भवन में क्वारंटाइन कर दिया गया था। फिर उन्हें बसों के माध्यम से उनके घरों में भेजा गया था। उस समय उनकी वापसी पर साइकिल लेने के लिए टोकन दिए गए थे। सहारनपुर सदर एसडीएम किंशुक श्रीवास्तव ने बताया कि ये साइकिलें खुले में खड़ी थीं और पिछले दो सालों में जंग खा चुकी हैं। इस बीच, 14,600 मजदूर बाद में वापस आकर अपनी साइकिलें ले गए, जबकि शेष 5,400 साइकिलें कबाड़ में बदल गईं। एसडीएम ने कहा कि दो साल के इंतजार के बाद प्रशासन ने साइकिलों की नीलामी करने का फैसला किया।
नीलामी से मिले 21.2 लाख रुपये
सहारनपुर सदर एसडीएम किंशुक श्रीवास्तव ने कहा कि साइकिलों की नीलामी के माध्यम से एकत्र किए गए 21.2 लाख रुपये राज्य के खजाने में जमा किए गए थे । एसडीएम ने बताया कि अब यह राज्य सरकार का विवेक है कि पैसे का उपयोग कैसे किया जाए।