एआईएमआईएम प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने केंद्र की एनडीए सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि गरीबी, बेरोजगारी, महंगाई और चीनी घुसपैठ जैसे मुद्दों से जनता का ध्यान भटकाने के लिए यूसीसी की बात की जा रही है। साथ ही बोले कि केरल के राज्यपाल को भाजपा में शामिल हो जाना चाहिए।
समान नागरिक संहिता लागू करने के प्रस्ताव को लेकर एआईएमआईएम प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी लगातार केंद्र सरकार पर हमला कर रहे हैं। एक बार उन्होंने केंद्र की एनडीए सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि गरीबी, बेरोजगारी, महंगाई और चीनी घुसपैठ जैसे मुद्दों से जनता का ध्यान भटकाने के लिए यूसीसी की बात की जा रही है।
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साथ ही ओवैसी ने कहा कि एआईएमआईएम ने विधि आयोग को जवाब सौंपा है। आगे बोले कि उनकी पार्टी ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन ने यूसीसी पर सुझावों के लिए विधि आयोग की अपील पर इस विषय पर सेवानिवृत्त सुप्रीम कोर्ट के न्यायाधीश गोपाल गौड़ा की कानूनी राय के साथ अपनी प्रतिक्रिया भेजी है।
पत्रकारों से बात करते हुए ओवैसी ने कहा कि वह जल्द ही आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री वाईएस जगन मोहन रेड्डी से मिलकर उनका समर्थन मांगेंगे और उनकी पार्टी से अनुरोध करेंगे कि अगर संसद में ऐसा कोई विधेयक पेश किया जाता है तो यूसीसी के खिलाफ वोट करें।
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ओवैसी ने कहा कि लोकसभा चुनाव से पहले देश में ऐसा माहौल बनाया जा रहा है ताकि जनता का ध्यान गरीबी, बेरोजगारी, महंगाई जैसे मुद्दों से भटक जाए। भाजपा जानबूझकर आम चुनाव से पांच या छह महीने पहले ऐसा मुद्दा लेकर आई है इसका उद्देश्य माहौल को खराब करना और मतदाताओं का ध्रुवीकरण करना है और उन्हें इससे आने वाले 2024 के चुनावों में राजनीतिक लाभ मिलेगा।
केरल के राज्यपाल भाजपा में शामिल हो जाएं
यूसीसी पर केरल के राज्यपाल आरिफ मोहम्मद खान के बयान पर एआईएमआईएम प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने अपनी प्रतिक्रिया दी और कहा कि एक राज्यपाल के रूप में उन्हें सरकार की प्रशंसा नहीं करनी चाहिए। उन्हें राज्यपाल पद से इस्तीफा देना चाहिए और आधिकारिक तौर पर भाजपा में शामिल होना चाहिए।