फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

UCC: ओवैसी की पार्टी एआईएमआईएम ने विधि आयोग को सौंपा जवाब, कहा- जनता का ध्यान भटकाने के लिए लाया गया यूसीसी

Fri, 14 Jul 2023 04:55 PM IST
Jeet Kumar न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हैदराबाद

सार

एआईएमआईएम प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने केंद्र की एनडीए सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि गरीबी, बेरोजगारी, महंगाई और चीनी घुसपैठ जैसे मुद्दों से जनता का ध्यान भटकाने के लिए यूसीसी की बात की जा रही है। साथ ही बोले कि केरल के राज्यपाल को भाजपा में शामिल हो जाना चाहिए।
विज्ञापन
Asaduddin Owaisi - फोटो : ANI
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

समान नागरिक संहिता लागू करने के प्रस्ताव को लेकर एआईएमआईएम प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी लगातार केंद्र सरकार पर हमला कर रहे हैं। एक बार उन्होंने केंद्र की एनडीए सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि गरीबी, बेरोजगारी, महंगाई और चीनी घुसपैठ जैसे मुद्दों से जनता का ध्यान भटकाने के लिए यूसीसी की बात की जा रही है।

विज्ञापन


साथ ही ओवैसी ने कहा कि एआईएमआईएम ने विधि आयोग को जवाब सौंपा है। आगे बोले कि उनकी पार्टी ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन ने यूसीसी पर सुझावों के लिए विधि आयोग की अपील पर इस विषय पर सेवानिवृत्त सुप्रीम कोर्ट के न्यायाधीश गोपाल गौड़ा की कानूनी राय के साथ अपनी प्रतिक्रिया भेजी है।

पत्रकारों से बात करते हुए ओवैसी ने कहा कि वह जल्द ही आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री वाईएस जगन मोहन रेड्डी से मिलकर उनका समर्थन मांगेंगे और उनकी पार्टी से अनुरोध करेंगे कि अगर संसद में ऐसा कोई विधेयक पेश किया जाता है तो यूसीसी के खिलाफ वोट करें। 
विज्ञापन


ओवैसी ने कहा कि लोकसभा चुनाव से पहले देश में ऐसा माहौल बनाया जा रहा है ताकि जनता का ध्यान गरीबी, बेरोजगारी, महंगाई जैसे मुद्दों से भटक जाए। भाजपा जानबूझकर आम चुनाव से पांच या छह महीने पहले ऐसा मुद्दा लेकर आई है इसका उद्देश्य माहौल को खराब करना और मतदाताओं का ध्रुवीकरण करना है और उन्हें इससे आने वाले 2024 के चुनावों में राजनीतिक लाभ मिलेगा।

केरल के राज्यपाल भाजपा में शामिल हो जाएं
यूसीसी पर केरल के राज्यपाल आरिफ मोहम्मद खान के बयान पर एआईएमआईएम प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने अपनी प्रतिक्रिया दी और कहा कि एक राज्यपाल के रूप में उन्हें सरकार की प्रशंसा नहीं करनी चाहिए। उन्हें राज्यपाल पद से इस्तीफा देना चाहिए और आधिकारिक तौर पर भाजपा में शामिल होना चाहिए।
विज्ञापन


विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें