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CAA: सपा, बसपा और एआईएमआईएम ने स्वीकारी अमित शाह की चुनौती

Wed, 22 Jan 2020 09:33 PM IST
आसिम खान न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

  • अखिलेश बोले- देश को बांट रही भाजपा
  • ओवैसी ने कहा- दाढ़ी वाले से बहस करें
  • मायावती ने कहा- शाह जगह और वक्त तय करें
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गृहमंत्री अमित शाह और असदुद्दीन ओवैसी (फाइल फोटो)
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विस्तार
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नागरिकता संशोधन कानून पर गृहमंत्री अमित शाह की खुली बहस की चुनौती को सपा, बसपा और एआईएमआईएम ने बुधवार को स्वीकार कर लिया है। यूपी के पूर्व सीएम अखिलेश यादव और मायावती ने कहा, हम बहस के लिए तैयार हैं, शाह जगह और समय तय कर लें। एआईएमआईएम प्रमुख और सांसद असदुद्दीन ओवैसी ने कहा, शाह किसी दाढ़ी वाले से बहस करें, मैं तैयार हूं।

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दरअसल, गृहमंत्री शाह ने मंगलवार को लखनऊ में राहुल गांधी, ममता बनर्जी और अखिलेश यादव पर निशाना साधते हुए कहा था, विपक्ष सीएए और एनपीआर के मुद्दे पर भ्रम पैदा कर रहा है। मैं इन नेताओं को बहस की चुनौती देता हूं। इस पर अखिलेश ने कहा, हम तैयार हैं, शाह को जनता को विकास पर भी जवाब देना होगा। भाजपा बहुमत का गलत इस्तेमाल कर लोकतंत्र को नुकसान पहुंचा रही है।

दाढ़ी वाले से बहस करें: ओवैसी

करीमनगर में ओवैसी ने कहा, गृहमंत्री चाहें तो यह दाढ़ी वाला उनसे सीएए, एनपीआर और एनआरसी पर बहस को तैयार है। ओवैसी ने कहा, भाजपा नाम बदलने में विश्वास करती है, देश की जनता आपको बदल देगी। हलवा सेरेमनी पर तंज कसते हुए ओवैसी ने कहा, हलवा अरबी शब्द है तो क्या भाजपा इसको हटाएगी। मैं हलवा नहीं लाल मिर्ची हूं।

ओवैसी ने कहा कि राहुल गांधी, ममता बनर्जी और अखिलेश यादव के साथ बसह क्यों? मेरे साथ बहस करो। मंगलवार को करीमनगर में एक सभा को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि वह सीएए, एनआरसी और एनपीआर पर बहस करने के लिए तैयार हैं। ओवैसी ने कहा कि तुम्हें मेरे साथ बहस करनी चाहिए। मैं यहां हूं। मेरे साथ बहस क्यों नहीं करते? 

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उन्होंने अमित शाह को चुनौती देते हुए कहा कि बहस दाढ़ी वाले आदमी के साथ होनी चाहिए। मैं उनके साथ सीएए, एनपीआर और एनआरसी पर बहस कर सकता हूं। उधर, पश्चिम बंगाल की सीएम ममता बनर्जी ने दार्जिलिंग में सीएए के खिलाफ मार्च निकाला। भानुभक्त भवन से शुरू हुआ 4 किलोमीटर लंबा मार्च चौक बजार पर खत्म हुआ।

सीएए लागू क्यों नहीं करते शाह : किशोर

जेडीयू उपाध्यक्ष प्रशांत किशोर ने कहा कि लोगों के विरोध को खारिज करना ताकत का प्रतीक नहीं हो सकता। गृहमंत्री को विरोध कर रहे लोगों की फिक्र नहीं तो आगे बढ़कर कानून लागू क्यों नहीं करते। वैसे ही जैसे वे देश को क्रोनोलॉजी बता रहे थे।

‘मुस्लिम लीग कांग्रेस’ दशकों से कर रही हिंदुओं का अपमान : पात्रा

नई दिल्ली। भाजपा प्रवक्ता संबित पात्रा ने कहा, दशकों से मुस्लिम-परस्त राजनीति कर रही कांग्रेस का असली नाम ‘मुस्लिम लीग कांग्रेस’ होना चाहिए। कांग्रेस ने हमेशा हिंदुओं का अपमान किया है। पात्रा ने कहा, दो दिन पहले महाराष्ट्र के पूर्व सीएम और कांग्रेस नेता अशोक चव्हाण ने कहा था कि भाजपा मुस्लिमों की दुश्मन है। भाजपा को सत्ता से बाहर रखने के लिए ही कांग्रेस ने शिवसेना के साथ सरकार बनाई है। 

पात्रा ने कहा, इसका मतलब है कि कांग्रेस सिर्फ मुस्लिमों से पूछकर सरकार बनाती है, हिंदुओं से नहीं। यह हिंदुओं का अपमान है। प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू से मनमोहन सिंह तक हमेशा कांग्रेस ने हिंदू विरोधी राजनीति की। नेहरू ने तत्कालीन राष्ट्रपति राजेंद्र प्रसाद को सोमनाथ मंदिर जाने से रोका। मंदिर निर्माण का विरोध किया। मनमोहन ने देश के संसाधन पर पहला हक मुसलमानों का बताया

कांग्रेस एनपीआर लाए तो अच्छा हम करें तो खराब : जावड़ेकर

केंद्रीय मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने कहा कि सीएए और एनपीआर का प्रस्ताव जब कांग्रेस लेकर आती है तो वह अच्छा हो जाता है, लेकिन हम इस पर कानून बना देते हैं तो यह देश बांटने वाला और गलत कानून हो जाता है। ऐसा कैसे हो सकता है।

बॉम्बे हाईकोर्ट ने खारिज की जनहित याचिका

बॉम्बे हाईकोर्ट की नागपुर बेंच ने बुधवार को सीएए के खिलाफ दाखिल जनहित याचिका पर सुनवाई से इनकार करते हुए उसे खारिज कर दिया। जस्टिस आरके देशपांडे और एएम बोरकर की खंडपीठ ने कहा, सुप्रीम कोर्ट इस मुद्दे पर दाखिल याचिकाओं पर सुनवाई कर रहा है। ऐसे में इस पर हम सुनवाई नहीं करेंगे। पीठ ने याचिकाकर्ता उर्मिला कोवे को सुप्रीम कोर्ट जाने को कहा। उर्मिला ने याचिका में कहा था कि सीएए में संविधान का उल्लंघन किया गया है और इसे रोकना चाहिए।
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अखिलेश और राहुल देश विरोधियों का समर्थन करते हैं: अमित शाह

नागरिकता संशोधन कानून के समर्थन में देश के गृहमंत्री अमित शाह ने लखनऊ में एक रैली को संबोधित किया था। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि जिसे विरोध करना हो करे लेकिन ये कानून वापस नहीं लिया जाएगा क्योंकि ये कानून नागरिकता लेने का नहीं बल्कि नागरिकता देने का है। अपने भाषण में उन्होंने सपा और कांग्रेस पर खास तौर से निशाना साधा। उन्होंने कहा कि अखिलेश यादव व राहुल गांधी वोट बैंक की राजनीति के कारण नागरिकता कानून का विरोध कर रहे हैं। 
 
उन्होंने ममता बनर्जी और मायावती पर भी कटाक्ष किए। अमित शाह ने कहा कि राहुल बाबा और अखिलेश बाबा सुन लो। आपको भाजपा की जितनी भी आलोचना करनी है करो। प्रधानमंत्री मोदी की जितनी भी आलोचना करनी है करो। पर देश के खिलाफ आलोचना करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा। उन्हें जेल में डाल दिया गया जाएगा।

अमित शाह ने कहा कि जेएनयू में देश विरोधी नारे लगते हैं तो अखिलेश यादव और राहुल गांधी देश विरोधियों का समर्थन करते हैं। ये बिल्कुल भी बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। अमित शाह ने कहा कि सीएए पर विरोधी पार्टियां दुष्प्रचार करके और भ्रम फैला रही हैं। इसलिए भाजपा जन जागरण अभियान चला रही है।

अमित शाह ने कहा कि नरेंद्र मोदी सीएए लेकर आए हैं। कांग्रेस, ममता बनर्जी, अखिलेश, मायावती और केजरीवाल सभी इस बिल के खिलाफ भ्रम फैला रहे हैं। इस बिल को लोकसभा में मैंने पेश किया। मैं विपक्षियों से कहना चाहता हूं कि आप इस बिल पर सार्वजनिक रूप से चर्चा कर लो। ये अगर किसी भी व्यक्ति की नागरिकता ले सकता है, तो उसे साबित करके दिखाओ।

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