महाराष्ट्र के मंत्री धनंजय मुंडे को उनकी पत्नी और बेटी को 2 लाख रुपये प्रति माह अंतरिम भरण-पोषण देने का आदेश दिया गया था। इसके कुछ दिन बाद, उनके बेटे शीशिव मुंडे ने अपने पिता का बचाव किया। शीशिव ने कहा उनके पिता मां के साथ सख्त थे, लेकिन बच्चों के साथ कभी कठोर नहीं रहे। उन्होंने अपनी मां पर आरोप लगाया कि वह उन्हें और उनकी बहन को परेशान करती हैं। हालांकि, करुणा ने कहा कि शीशिव पर मंत्री दबाव बना रहे हैं और वह मीडिया से बात नहीं करना चाहतीं क्योंकि इसे वह उत्पीड़न के रूप में देखती हैं।
बता दें कि मंत्री धनंजय मुंडे की पहली पत्नी करुणा शर्मा ने 2020 में उनके खिलाफ घरेलू हिंसा का मामला दर्ज कराया था और इसके बाद वह भरण-पोषण और मुआवजे की मांग कर रही थीं। बांद्रा फैमिली कोर्ट ने 4 फरवरी को उन्हें अंतरिम भरण-पोषण के रूप में 1,25,000 रुपये प्रति माह और बेटी को 75,000 रुपये प्रति माह देने का आदेश दिया था।
बेटे के बयान के बाद बोलीं करुणा शर्मा
करुणा शर्मा ने अपने बेटे शीशिव मुंडे के दावे पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि उनके और धनंजय मुंडे के बीच तनावपूर्ण रिश्तों के कारण उनके बच्चों को नुकसान हो रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि उनके बेटे को बयान देने के लिए मजबूर किया जा रहा है, क्योंकि मंत्री धनंजय मुंडे राज्य मंत्री हैं और उनके बच्चे जेल जाने या झूठे मामलों में फंसने से डरते हैं। करुणा ने यह भी दावा किया कि जब वह प्रेस से बात कर रही थीं, तब उनके पति अक्सर उनके बेटे को फोन करते थे।
मुंडे परिवार का इकलौता बेटा बेरोजगार-करुणा शर्मा
करुणा ने आगे अपने बेटे शिशिव का जिक्र करते हुए कहा कि मुंडे परिवार का इकलौता बेटा शीशिव बेरोजगार है और उनके पास कोई संपत्ति नहीं है। वहीं, उनके करीबी सहयोगी वाल्मिक कराड के पास 4,000 करोड़ रुपये से अधिक की संपत्ति है। गौरतलब है कि धनंजय मुंडे को बीड जिले में एक सरपंच की हत्या से जुड़े जबरन वसूली मामले में अपने सहयोगी वाल्मिक कराड की गिरफ्तारी के कारण आलोचनाओं का सामना भी करना पड़ रहा है।