योगी आदित्यनाथ के उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री बनने से राज्य में मौजूद बूचड़खाने से जुड़े कारोबारियों के बीच भय का माहौल है। बीजेपी ने चुनाव से पहले वादा किया था कि वह राज्य में मौजूद बूचड़खानों पर कार्रवाई करेगी।
जानकारों के मुताबिक, यूपी में बूचड़खानों को बंद किया जाता है तो 11 हजार 350 करोड़ रुपये प्रतिवर्ष का नुकसान होगा। वहीं उत्तर प्रदेश सरकार ने भरोसा दिलाया है कि वह सिर्फ अवैध बूचड़खानों पर ही कार्रवाई होगी।
इकॉनोमिक्स टाइम्स से बातचीत में राज्य में मौजूद दर्जन भर से से ज्यादा पंजीकृत बूचड़खानों के मालिकों ने बताया कि सरकार की इस निर्णय से राज्य में मीट एक्सपोर्ट का बिजनेस ठप पड़ जाएगा। साथ ही, मीट कारोबार से जुड़े तमाम लोगों की जिंदगी बूरी तरह प्रभावित होगी और करोड़ो रुपए के निवेश खराब होगा।