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यूपीएससी के चेयरमैन नियुक्त हुए अरविंद सक्सेना

Wed, 28 Nov 2018 08:37 PM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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UPSC
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अरविंद सक्सेना को संघ लोक सेवा आयोग (यूपीएससी) का चेयरमैन नियुक्त किया गया है। सक्सेना की नियुक्ति के संबंध में बुधवार को आधिकारिक बयान जारी किया गया। इसमें बताया गया कि सक्सेना का कार्यकाल 7 अगस्त 2020 तक होगा। वह वर्तमान में 20 जून से यूपीएससी के कार्यकारी प्रमुख के रूप में कार्य कर रहे थे।
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कार्मिक मंत्रालय की तरफ से जारी बयान में बताया गया कि राष्ट्रपति राम नाथ कोविंद ने यूपीएससी चेयरमैन के रूप में सक्सेना की नियुक्ति को मंजूरी दी। सक्सेना ने 8 मई 2015 को यूपीएससी सदस्य के रूप में जॉइन किया था। यूपीएससी आने से पहले वह उड्डयन शोध केंद्र में निदेशक के रूप में कार्य कर रहे थे। सक्सेना ने दिल्ली कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग से सिविल इंजीनियरिंग और आईआईटी से एमटेक किया है।
 



डीटीयू व आईआईटी दिल्ली के इंजीनियरिंग छात्र रहे हैं अरविंद

दिल्ली कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग (वर्तमान में दिल्ली तकनीकी विश्वविद्यालय) से सिविल इंजीनियरिंग में बीटेक और आईआईटी दिल्ली से एमटेक करने वाले सक्सेना भारतीय डाक सेवा में 1978 बैच के अधिकारी रहे हैं। वे यूपीएससी में वर्तमान चेयरमैन विनय मित्तल से कार्यभार लेंगे, जो 19 जून को सेवानिवृत्त हो रहे हैं। डाक सेवा में रहने के दौरान वे अलीगढ़ में स्टाम्प व सील फैक्ट्री के आधुनिकीकरण के लिए विशेष कार्याधिकारी (ओएसडी) रहे और सहारनपुर में प्रतिष्ठित माने जाने वाले पीएंडटी ट्रेनिंग सेंटर के प्रिंसिपल के तौर पर भी नियुक्त रहे। 
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2015 में यूपीएससी सदस्य बनने वाले 32 साल में पहले रॉ अफसर बने थे

वर्ष 1988 में भारतीय डाक सेवा से रॉ में प्रतिनियुक्ति पर आने वाले सक्सेना को पड़ोसी देशों में रणनीतिक विकास के अध्ययन का विशेषज्ञ माना जाता है। इस दौरान वे जम्मू-कश्मीर में तैनात रहे और चीन, पाकिस्तान सहित 5 देशों में रॉ को अपनी सेवाएं दीं। वर्ष 2014 में अरविंद को एविएशन रिसर्च सेंटर (एआरसी) में विशेष सचिव के तौर पर नियुक्त किया गया, जो वायुसेना की विशेष फ्रंटियर फोर्स के कमांडो को ट्रांसपोर्ट उपलब्ध कराती है और देश के सीमावर्ती इलाकों में मानवरहित विमानों के जरिए निगरानी का काम करती है। वर्ष 2015 में उन्हें यूपीएससी में सदस्य के तौर पर शामिल किया गया और तब से वे यहीं पर तैनात थे।
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