Paper Leak Row: दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने पेपर लीक के मुद्दे पर केंद्र सरकार पर हमला बोला है। केजरीवाल ने पेपर लीक को अरबों रुपये का कारोबार बताते हुए इसमें प्रभावशाली लोगों की मिलीभगत का आरोप लगाया है। उन्होंने दावा किया कि पंजाब और दिल्ली में उनकी सरकार के दौरान एक भी पेपर लीक नहीं हुआ। आप नेता ने क्या कहा, पढ़िए रिपोर्ट-
आम आदमी पार्टी (आप) के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने शुक्रवार को एक बार फिर पेपर लीक का मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि पेपर लीक अरबों रुपये का कारोबार बन चुका है। इसमें बहुत प्रभावशाली लोग शामिल हैं। उन्होंने पूछा कि हर दो–तीन साल में पेपर लीक क्यों होते रहते हैं। केजरीवाल ने कहा कि इसके पीछे इरादे की कमी है।
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'पंजाब-दिल्ली में आप के शासन में नहीं हुए पेपर लीक'
केजरीवाल ने दावा किया कि पंजाब में चार साल से उनकी पार्टी की सरकार है और दिल्ली में दस साल तक शासन के दौरान एक भी पेपर लीक नहीं हुआ। उन्होंने कहा, जब नीयत साफ होती है तो व्यवस्था सही चलती है। लेकिन जिनकी नीयत गलत होती है, तो ऐसी घटनाएं होती रहती हैं।
VIDEO | AAP National Convenor Arvind Kejriwal says, “Paper leaks are a business worth billions, and very influential people are involved in it. Why do paper leaks keep happening every two or three years? I’ll tell you why. Our government has been in power in Punjab for four… pic.twitter.com/L4s1QE47BY
काली सूची में शामिल कंपनी को ठेका देने का आरोप लगाया
उन्होंने केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) की परीक्षा का उदाहरण देते हुए कहा कि जिस कंपनी को परीक्षा से जुड़ा ठेका दिया गया, वह पहले तेलंगाना में गंभीर गड़बड़ियों के कारण काली सूची में शामिल (ब्लैकलिस्ट) हो चुकी थी। आरोप है कि उस दौरान परीक्षा में हुई अव्यवस्था से 20 से अधिक छात्रों ने आत्महत्या तक कर ली थी।
केजरीवाल ने कहा कि इसके बावजूद केंद्र सरकार ने उसी कंपनी को पूरे देश का ठेका दे दिया, जिससे लाखों छात्रों का भविष्य प्रभावित हुआ। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि अभी तक न तो उस कंपनी पर कोई कार्रवाई हुई है, न एफआईआर दर्ज हुई है और न ही किसी की गिरफ्तारी हुई है।