आदर्श चुनावी राजनीति का विकल्प देने की बात कहकर अपनी राजनीति शुरू करने वाले अरविंद केजरीवाल अब खांटी जातिवादी राजनीति पर उतर आए हैं। उनकी आम आदमी पार्टी कभी बनियों का नाम वोटर लिस्ट से काट दिए जाने की बात कह रही है तो कभी उन पर हमले की बात कह रही है। मंगलवार को भी तब यही नजारा सामने आया जब आप के बनिया सांसद ने उत्तरी नगर निगम में पार्षदों के बीच मारपीट का मुद्दा उठाया।
आप पार्टी से राज्यसभा सांसद सुशील गुप्ता ने मंगलवार को कहा कि भाजपा बनिया विरोधी पार्टी है। आप सांसद के मुताबिक भाजपा का चेहरा एक बार फिर देश की जनता के सामने आ गया जब उसने सीलिंग के खिलाफ आवाज़ उठाने पर एक बनिया आप पार्षद की उत्तरी नगर निगम के सदन में खुलेआम पिटाई कर दी।
उन्होंने कहा कि यह बेहद शर्मनाक है कि सदन में मेयर इस घटना के समय मूकदर्शक बने रहे। आरोप है कि उत्तरी दिल्ली नगर निगम द्वारा सदन में बुलाई गई मीटिंग में भाजपा के निगम पार्षदों ने मेयर की मौजूदगी में सोमवार को स्थाई समिति के सदस्य एवं आम आदमी पार्टी के पार्षद विकास गोयल से हाथापाई की।
गुप्ता ने कहा कि भाजपा पूरी तरह से बनियों को बर्बाद कर देना चाहती है। इससे पहले भी भाजपा ने दिल्ली से चार लाख बनियों के वोट मतदाता सूची से कटवा दिए थे। उन्होंने कहा कि भाजपा ने मध्यप्रदेश में 230 सीटों में से एक भी बनिया समाज के व्यक्ति को टिकट नहीं दी।
राजस्थान के चुनाव में बनिया समाज के केवल तीन लोगों को टिकट दिया जबकि उसने आज तक बनिया समाज को केवल चंदा लेने के लिए इस्तेमाल किया। उत्तरी दिल्ली नगर निगम के आप नेता विपक्ष अनिल लाकड़ा ने इसे भाजपा की साजिश बताया। उन्होंने कहा कि वे इसकी खिलाफत करेंगे और दिल्ली में चल रही सीलिंग को रोकने की मांग उठाते रहेंगे।
राजनीति के पीछे
बनिया भाजपा का अब तक का सबसे कट्टर समर्थक वर्ग रहा है। लेकिन जीएसटी कानून लागू होने से वह भाजपा से नाराज बताया जा रहा है। दिल्ली में सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर लगातार चल रही सीलिंग से हजारों दुकानें तोड़ी गयी हैं जिसके कारण व्यापारियों में नाराजगी बढ़ी है। आम आदमी पार्टी इसी स्थिति का लाभ उठाकर बनिया वर्ग को खुद से जोड़ने की कोशिश कर रही है।