दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने रविवार को एक नया दावा किया। उन्होंने कहा कि गुजरात में सत्तारूढ़ भाजपा के कई नेता और कार्यकर्ता उनकी आम आदमी पार्टी का समर्थन कर रहे हैं। वे छिपकर हमारा साथ दे रहे हैं। वे आगामी विधानसभा चुनावों में अपनी ही पार्टी को हारता हुआ देखना चाहते हैं। मैं उन सभी भाजपा कार्यकर्ताओं से कहना चाहता हूं जो अपनी पार्टी को हराना चाहते हैं, वे गुप्त रूप से ‘आप’ के लिए काम करते रहें।
उन्होंने कांग्रेस के साथ भाजपा की सांठगांठ होने का आरोप लगाया। वहीं शनिवार को गुजरात के कई शहरों में सामने आए पोस्टरों को लेकर भाजपा पर निशाना साधते हुए केजरीवाल ने कहा कि जिन लोगों ने ये पोस्टर लगाए वे कंस राक्षस के वंशज हैं।
केजरीवाल को हिंदू विरोधी बताने वाले और उन्हें मुसलमानों की टोपी पहने हुए दिखाने वाले बैनर अहमदाबाद, राजकोट,सूरत और वडोदरा शहरों में शनिवार को सामने आए। केजरीवाल की तस्वीरों के साथ कुछ बैनर में यह भी लिखा हुआ था, ‘‘मैं हिंदू धर्म को उन्माद मानता हूं’’, जबकि कुछ अन्य में लिखा था, ‘‘हिंदू विरोधी केजरीवाल वापस जाओ’’।
कांग्रेस कार्यकर्ताओं को डरने की जरूरत नहीं
गुजरात के वलसाड में एक रैली को संबोधित करते हुए केजरीवाल ने कहा कि हमें भाजपा के 27 साल के अहंकार को तोड़ना है। मुझे पता है कि आपके पास आपके व्यवसाय हैं, यदि आप हमारे साथ जुड़ते हैं तो वे आपके व्यवसाय को नुकसान पहुंचाएंगे। उन्होंने कहा कि आप उनके साथ रहें लेकिन गुप्त रूप से इसे हराने के लिए हमारे साथ काम करें। आगे कहा कि कांग्रेस कार्यकर्ताओं को डरने की जरूरत नहीं है, आप अपनी पार्टी छोड़ो और आप में शामिल हो जाओ, अपनी पार्टी को भूल जाओ। उन्होंने मतदाताओं से आगामी चुनाव में 'राक्षसों का सफाया' करने के लिए आप का समर्थन करने का आह्वान किया।
केजरीवाल अच्छे हैं, वह इस बार गुजरात में नहीं जीतेंगे
उन्होंने कहा कि नए गुजरात के लिए हम सभी को एक होना होगा। पार्टी की परवाह मत करो, गुजरात के लिए काम करो, देश के लिए काम करो, उन्होंने दावा किया कि आप एक " नई राजनीति, नई पार्टी, नए चेहरे, नए विचार और नई सुबह" की शुरुआत करेगी। केजरीवाल ने भाजपा कार्यकर्ताओं को आड़े हाथों लेते हुए कहा कि वे लोगों के पास जाकर कहते हैं कि केजरीवाल अच्छे हैं, वह इस बार गुजरात में नहीं जीतेंगे, अगली बार जीतेंगे। अगर कोई आपको ऐसा कहता है तो उनको कहना कि अगली बार नहीं, लेकिन केजरीवाल इस बार जीतेंगे।