फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

'2023 से पहले की गाड़ियों के लिए खतरनाक': E20 पेट्रोल पर केजरीवाल का बड़ा दावा, बोले- डर से चुप हैं कंपनियां

Tue, 25 Aug 2026 06:56 PM IST
राकेश कुमार एएनआई, पणजी।

सार

ई20 पेट्रोल को लेकर दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने वाहन कंपनियों और केंद्र सरकार पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका दावा है कि पुरानी गाड़ियों को नुकसान के खतरे के बावजूद कंपनियां दबाव और कार्रवाई के डर से सार्वजनिक रूप से कुछ नहीं बोल रही हैं।
 
विज्ञापन
अरविंद केजरीवाल, पूर्व सीएम दिल्ली - फोटो : @अमर उजाला ग्राफिक्स
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने ई20 पेट्रोल को लेकर केंद्र सरकार पर बड़ा आरोप लगाया है। उन्होंने दावा किया कि 2023 से पहले बनी पेट्रोल गाड़ियों के लिए यह ईंधन बेहद खतरनाक हो सकता है। अरविंद केजरीवाल ने कहा कि वाहन बनाने वाली कंपनियां इस मुद्दे पर खुलकर बोलने से डर रही हैं। इस दौरान उन्होंने सरकारी स्कूलों को लेकर भाजपा पर तीखा हमला बोला 
विज्ञापन


अरविंद केजरीवाल ने कहा कि उन्होंने 29 वाहन निर्माण कंपनियों को पत्र लिखा था। उनसे पूछा गया था कि क्या 2023 से पहले बनी उनकी गाड़ियों में ई20 पेट्रोल का सुरक्षित इस्तेमाल हो सकता है। उन्होंने कहा कि किसी भी कंपनी ने उनके पत्र का जवाब नहीं दिया।

नौ कंपनियों के अधिकारियों से बातचीत का दावा
अरविंद केजरीवाल ने कहा कि इसके बाद उन्होंने नौ वाहन निर्माण कंपनियों के अधिकारियों से बात की। उनके अनुसार, अधिकारियों ने निजी बातचीत में इस मुद्दे पर खुलकर जानकारी दी, लेकिन अपनी और कंपनी की पहचान सार्वजनिक नहीं करने को कहा।
विज्ञापन


कार्रवाई के डर से चुप रहने का आरोप
अरविंद केजरीवाल के अनुसार, अधिकारियों ने बताया कि ई20 बहुत खतरनाक ईंधन है। उन्होंने दावा किया कि 2023 से पहले बनी पेट्रोल गाड़ियों में इसका इस्तेमाल वाहनों के लिए बेहद नुकसानदायक हो सकता है। उन्होंने आरोप लगाया कि अधिकारी केंद्र सरकार के भारी दबाव में हैं। केजरीवाल के मुताबिक, अधिकारियों को डर है कि ई20 के खिलाफ सार्वजनिक रूप से बोलने पर प्रवर्तन निदेशालय, केंद्रीय जांच ब्यूरो या आयकर विभाग की कार्रवाई हो सकती है। यहां तक कि उनके कारखाने बंद कराए जा सकते हैं। उन्होंने यह भी कहा कि अधिकारी कई तरह से परेशान किए जाने के डर से पहचान उजागर नहीं करना चाहते।

यह भी पढ़ें: 'सीमा पर चीनी रोबोट से लड़ना पड़ सकता है' : मनीष तिवारी बोले-भारत रहे सतर्क;भाजपा ने राहुल को घेरा

उपभोक्ताओं को विकल्प देने की मांग
दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने ई20 पेट्रोल को लागू करने का विरोध किया है। पार्टी का कहना है कि इससे गाड़ी का औसत कम होने, इंजन को नुकसान पहुंचने और ईंधन से जुड़े पुर्जे जल्दी खराब होने की शिकायतें मिली हैं। पार्टी के अनुसार, 2023 से पहले बनी गाड़ियां इससे सबसे ज्यादा प्रभावित हो सकती हैं। यह बयान आम आदमी पार्टी के अलग-अलग बड़े राज्यों में आयोजित जनसंवाद कार्यक्रमों के बीच आया है। पार्टी की मांग है कि पेट्रोल पंपों पर लोगों को विकल्प मिले और इथेनॉल मिश्रित पेट्रोल के साथ सामान्य पेट्रोल भी उपलब्ध कराया जाए।

सरकारी स्कूलों पर भाजपा को क्या चुनौती दी?
केजरीवाल ने पंजाब के सरकारी स्कूलों को लेकर भाजपा पर तीखा हमला भी बोला। उन्होंने भाजपा को चुनौती दी कि गुजरात और पंजाब के एक-एक हजार सरकारी स्कूलों की सूची जारी की जाए और मीडिया व जनता के साथ दोनों राज्यों के स्कूलों का संयुक्त निरीक्षण कराया जाए। केजरीवाल ने दावा किया कि पंजाब के करीब 19,700 सरकारी स्कूलों में से 19,200 स्कूलों को बहुत अच्छा बनाया जा चुका है, जबकि बाकी 500 स्कूलों में भी काम चल रहा है। उन्होंने कहा कि पंजाब के स्कूलों को शिक्षकों, प्रधानाचार्यों, अभिभावकों और बच्चों के साथ मिलकर सुधारा गया है और भाजपा को इन्हें बदनाम नहीं करना चाहिए।
विज्ञापन


केजरीवाल ने आरोप लगाया कि भाजपा पंजाब के स्कूलों को बदनाम करने के लिए पुराने वीडियो और फर्जी तस्वीरों का इस्तेमाल कर रही है। उन्होंने कहा कि जिस 2018 के वीडियो को भाजपा दिखा रही है, उस समय कांग्रेस की सरकार थी और अब उस स्कूल को भी बेहतर बनाया जा चुका है। उन्होंने यह भी दावा किया कि पंजाब सरकारी स्कूलों की शिक्षा में देश में नंबर वन है और 2022 में सरकार बनने के समय राज्य 28वें स्थान पर था। केजरीवाल ने कहा कि स्कूलों को लेकर उनकी सरकार की नीयत साफ है और अगर कोई वास्तविक कमी बताई जाती है तो उसे ठीक किया जाएगा। उन्होंने भाजपा से कहा कि वह पंजाब के एक हजार स्कूलों के मुकाबले गुजरात के एक हजार स्कूलों का निरीक्षण कराने की चुनौती स्वीकार करे, ताकि जनता के सामने दोनों राज्यों के स्कूलों की वास्तविक स्थिति साफ हो सके।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें