नार्थ कैंपस में जुटे छात्रों सुरक्षा घेरे में धरना-प्रदर्शन किए। दिल्ली पुलिस ने यूनिवर्सिटी प्लाजा गेट के सामने चल रहे प्रदर्शन को चारों तरफ से बैरिकेड लगाकर घेर दिया था। चारों तरफ पुलिस की तैनाती की गई थी। भारी पुलिस बल के साथ वाटर कैनन की गाड़ियां भी तैनात थी। छात्रों ने भी ना तो पुलिस का घेरा तोड़ा और न ही उग्र प्रदर्शन किया। हालांकि केंद्र सरकार के खिलाफ छात्रों ने जमकर नारेबाजी की।
धरना स्थल खाली करने के निर्देश के बावजूद चलता रहा प्रदर्शन
कई छात्र संगठन ने नार्थ कैंपस में सरकार के नये कानून के खिलाफ प्रदर्शन के लिए जुटे थे। दोपहर 12 बजे से प्रदर्शन कर रहे छात्रों को करीब डेढ़ बजे पुलिस ने धरना स्थल खाली करने को कहा। हालांकि मंच से छात्र नेताओं ने प्रदर्शनकारियों से पूछा कि पुलिस की बात माननी चाहिए या नहीं। प्रदर्शनकारियों का समर्थन मिलने के बाद शाम 3:30 बजे तक धरना-प्रदर्शन चलता रहा।
अरुंधति रॉय के बयान पर भाजपा ने कड़ा पलटवार किया है। पार्टी उपाध्यक्ष और मध्यप्रदेश के पूर्व सीएम शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि अगर यही हमारे देश के बुद्धिजीवी हैं तो पहले ऐसे ‘बुद्धिजीवियों’ का रजिस्टर बनाना चाहिए।
शिवराज ने ट्वीट किया, उन्होंने (अरुंधति रॉय) अपना नाम बता दिया और यह भी बता दिया कि उन्हें कुंग-फू की भी जानकारी है। अरुंधति को शर्म आनी चाहिए। ऐसे बयान देश के साथ विश्वासघात नहीं है तो क्या है?
लोकसभा में कांग्रेस दल के नेता अधीर रंजन चौधरी ने कहा कि केंद्र सरकार राष्ट्रीय जनसंख्या रजिस्टर और एनआरसी के मुद्दे पर लगातार झूठ बोल रही है, इसलिए उस पर भरोसा नहीं रहा। उन्होंने कहा कि एनपीआर यूपीए सरकार के समय में शुरू हुआ लेकिन तब परिस्थितियां अलग थीं।
चौधरी ने कहा, जब पूरा देश जल रहा है तब एनपीआर की बात करने की क्या जरूरत। पहली नजर में एनपीआर में कोई समस्या नहीं है, लेकिन पिछले कुछ महीनों में एनआरसी को लेकर सरकार के दो शीर्ष नेताओं (पीएम मोदी और गृहमंत्री अमित शाह) ने तमाम असत्य और भ्रामक बयान बयान दिए हैं। इससे डर का माहौल बनता है।