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Arunachal Pradesh: अरुणाचल प्रदेश में लापता पर्वतारोहियों का कुछ सामान मिला

Tue, 18 Oct 2022 07:32 PM IST
Harendra Chaudhary अमर उजाला ब्यूरो, गुवाहाटी

सार

Arunachal Pradesh: राज्य के युवा मामलों के विभाग के एक साहसिक अधिकारी तापी म्रा अगस्त महीने में अपने सहयोगी के साथ लापता हो गए थे। सितंबर महीने में पूर्वी कामेंग जिला प्रशासन और भारतीय सेना ने करीब एक महीने तक उनकी खोज करने के बाद मौसम खराब होने के चलते सर्च और रेस्क्यू ऑपरेशन को रोक दिया था...
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अरुणाचल प्रदेश के पहले माउंट एवरेस्ट विजेता तापी म्रा और उनके सहयोगी निको दाओ को खोजने के लिए सर्च - फोटो : Amar Ujala (File Photo)
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विस्तार
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अरुणाचल प्रदेश में पूर्वी कामेंग जिला के माउंट ख्यारीसट्टम में लापता पर्वतारोही तापी म्रा और उनके सहायक निकू दाओ की तलाश में जुटे राहत एवं बचाव दल ने जीपीएस, मोबाइल, टेंट, जूते तथा अन्य निजी सामान बरामद करने का दावा किया है। तापी म्रा की बहन याटोक म्रा निलो ने पत्रकारों से बातचीत करते हुए यह जानकारी दी। तापी म्रा अरुणाचल प्रदेश के पहले माउंट एवरेस्ट विजेता हैं।

सितंबर महीने में घटना स्थल पर मौसम खराब होने के कारण भारतीय सेना और पूर्वी कामेंग जिला प्रशासन द्वारा तलाश अभियान स्थगित कर दिया गया था, लेकिन एक बार फिर तापी की तलाश अभियान शुरू हुआ है। उन्होंने बताया कि इस अभियान में स्वयंसेवकों और तापी म्रा के परिवार के सदस्यों की एक 13 सदस्यीय दल जुटा हुआ है। तापी म्रा और निकू दाओ 17 अगस्त से लापता हैं। राहत एवं बचाव दल आठ दिन पैदल चलने के बाद कैंप-2 पहुंचा और पांच घंटे की तलाशी के बाद उन्होंने भारतीय ध्वज, सैटेलाइट फोन, टेंट, जूते, स्लीपिंग बैग और कई अन्य उपकरण बरामद किए।

याटोक म्रा निलो ने बताया कि यह जानकारी तलाशी अभियान में गए टीम लीडर टैगिट सोरंग ने टैगिन कल्चरल सोसाइटी के एक प्रतिनिधि दोष दासी को दी। भारी हिमपात के कारण पर इन उपकरणों को बर्फ की मोटी परत खोद कर निकालाय गया है। उन्होंने बताया कि टीम ने कैंप-2 इलाके में म्रा और दाओ के पदचिह्नों को भी देखा, लेकिन यह पता नहीं चल पाया है कि लापता पर्वतारोही जीवित हैं या नहीं।

राज्य के युवा मामलों के विभाग के एक साहसिक अधिकारी तापी म्रा अगस्त महीने में अपने सहयोगी के साथ लापता हो गए थे। सितंबर महीने में पूर्वी कामेंग जिला प्रशासन और भारतीय सेना ने करीब एक महीने तक उनकी खोज करने के बाद मौसम खराब होने के चलते सर्च और रेस्क्यू ऑपरेशन को रोक दिया था।

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