अरुणाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री पेमा खांडू ने राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल केटी परनाइक (सेवानिवृत्त) से राजभवन, ईटानगर में मुलाकात की। इस दौरान दोनों ने राज्य के विकास से जुड़े प्रमुख मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की और चल रही परियोजनाओं की प्रगति की समीक्षा की।
बैठक में राज्यपाल ने जियोस्पेशियल तकनीक आधारित निगरानी प्रणाली अपनाने की आवश्यकता पर बल दिया ताकि विकास परियोजनाओं की प्रगति को विश्वसनीय और सत्यापनीय आंकड़ों के माध्यम से परखा जा सके। उन्होंने कहा कि इससे न केवल बेहतर योजना निर्माण संभव होगा, बल्कि विवाद समाधान और पारदर्शिता भी सुनिश्चित की जा सकेगी।
मुख्यमंत्री पेमा खांडू ने राज्यपाल को दी जापान के दौरे की जानकारी
राज्यपाल ने बताया कि नॉर्थ ईस्टर्न स्पेस एप्लिकेशन सेंटर (एनईएसएसी), शिलांग के पास उपग्रह चित्रों और तकनीकी विशेषज्ञता की पूरी सुविधा है, जो राज्य सरकार की इस दिशा में मदद कर सकता है। मुख्यमंत्री पेमा खांडू ने राज्यपाल को अपने हालिया जापान दौरे की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि वहां उन्होंने कौशल विकास और रोजगार आदान-प्रदान कार्यक्रमों की संभावनाओं पर चर्चा की, जिससे अरुणाचल प्रदेश के युवाओं को नई प्रौद्योगिकी आधारित क्षेत्रों में अवसर मिल सकें।
खेलों और युवा विकास को बढ़ावा देने पर भी जोर
राज्यपाल ने इस अवसर पर राज्य में खेलों और युवा विकास को बढ़ावा देने पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि राज्य में स्पोर्ट्स मेडिसिन की व्यवस्था, राज्य ओलंपिक संघ की सुदृढ़ता और जिला व अंतर-जिला स्तर पर अधिक खेल प्रतियोगिताओं का आयोजन किया जाना चाहिए ताकि ग्रामीण स्तर से प्रतिभाओं की पहचान और संवर्द्धन किया जा सके। राज्यपाल और मुख्यमंत्री दोनों ने इस बात पर सहमति जताई कि अरुणाचल प्रदेश में विकास समावेशी, तकनीक-प्रधान और जन-केंद्रित होना चाहिए, जिससे राज्य के प्रत्येक नागरिक को प्रगति के अवसर मिल सकें।
एनएसएस स्वयंसेवकों से भी मिले राज्यपाल
अरुणाचल प्रदेश के राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल केटी परनाइक (सेवानिवृत्त) ने राजीव गांधी विश्वविद्यालय (आरजीयू ) के राष्ट्रीय सेवा योजना (एनएसएस) के कार्यक्रम अधिकारियों और स्वयंसेवकों से भी राजभवन में संवाद किया। इस अवसर पर भारत-राष्ट्रीय सेवा योजना पुरस्कार विजेता राजा बोसुमोतारी सहित कई अधिकारी और छात्र उपस्थित थे।
युवाओं को दी ये सलाह
राज्यपाल ने स्वयंसेवकों को अपने दैनिक जीवन में जिज्ञासा, संवेदनशीलता और सकारात्मकता अपनाने की सलाह दी। उन्होंने युवाओं से कहा कि वे समाज में परिवर्तन के एजेंट बनें और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के “विकसित भारत” के विजन को साकार करने में सक्रिय भूमिका निभाएं।
राज्यपाल ने कहा, युवा देश की प्रेरक शक्ति हैं। उन्हें तकनीक, नवाचार और रचनात्मकता के माध्यम से ग्रामीण समस्याओं का समाधान करना चाहिए, सामाजिक जागरूकता बढ़ानी चाहिए और सामूहिक भागीदारी को प्रोत्साहित करना चाहिए।
बढ़ते नशे को लेकर कही ये बात
उन्होंने नशे की बढ़ती प्रवृत्ति पर चिंता व्यक्त करते हुए एनएसएस स्वयंसेवकों से व्यापक जनजागरूकता अभियान चलाने का आग्रह किया। परनाइक ने कहा कि समाज के हर वर्ग तक पहुंचकर युवाओं को “स्वस्थ और उद्देश्यपूर्ण जीवन” की दिशा में प्रेरित करना जरूरी है।
पर्यावरण संरक्षण पर जोर देते हुए उन्होंने स्वयंसेवकों को सतत अपशिष्ट प्रबंधन, गांव गोद लेने की पहल और स्वावलंबन आधारित सामुदायिक कार्यक्रमों को आगे बढ़ाने की सलाह दी। उन्होंने यह भी अपील की कि स्वयंसेवक माता-पिता और अभिभावकों से संवाद करें ताकि हर बच्चा अपनी मूलभूत शिक्षा पूरी कर सके।
राज्यपाल ने युवाओं के काम की सराहना की
राज्यपाल ने उनके कार्यों की सराहना करते हुए कहा कि राष्ट्र निर्माण में युवाओं की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है और उन्हें नई ऊर्जा व समर्पण के साथ सेवा भावना बनाए रखनी चाहिए। कार्यक्रम में राजीव गांधी विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. सुशांत कुमार नायक और रजिस्ट्रार डॉ. नवम तादर रिकम भी उपस्थित रहे।
इस दौरान एनएसएस अधिकारियों और स्वयंसेवकों ने राज्यपाल को अपने रक्तदान शिविर, स्वच्छता अभियान, और सामाजिक-स्वास्थ्य जागरूकता कार्यक्रमों की जानकारी दी।