अरुणाचल प्रदेश के राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल केटी परनाइक (सेवानिवृत्त) ने नितीविहार स्थित गोल्डन जुबिली स्टेट बैंकेट हॉल में तिरंगा महोत्सव का उद्घाटन किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री श्री पेमा खांडू के साथ राज्य के विभिन्न जनजातियों के युवाओं को ‘तिरंगा’ भेंट किया गया। राज्यपाल ने तिरंगा महोत्सव के शुभारंभ पर कहा कि ‘उगते सूरज की धरती’ में राष्ट्रध्वज का पर्व मनाना गर्व की बात है, जहां के लोग हमेशा भारत की एकता, संप्रभुता और गरिमा के प्रहरी रहे हैं।
उन्होंने कहा कि अरुणाचल के लोगों के लिए देशभक्ति केवल विशेष अवसरों तक सीमित नहीं है, बल्कि यह उनकी जीवनशैली का हिस्सा है, जो पीढ़ी दर पीढ़ी चली आ रही है। राज्यपाल ने हर अरुणाचली से आह्वान किया कि तिरंगा ऊंचा लहराएं और संदेश दें कि हम सबसे पहले भारतीय हैं, अपनी मातृभूमि से प्रेम करते हैं और एक सशक्त, एकजुट व शांतिपूर्ण भारत के निर्माण के लिए प्रतिबद्ध हैं।
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याद किया 1962 के साहसिक इतिहास को
1962 के युद्ध के साहसिक इतिहास को याद करते हुए राज्यपाल ने कहा कि इस राज्य के वीर पुत्र-पुत्रियों ने सेना के साथ कंधे से कंधा मिलाकर देश की रक्षा में साहस, निष्ठा और बलिदान दिया है, जो आज भी प्रेरणा का स्रोत है। उन्होंने कहा कि वाइब्रेंट विलेज प्रोग्राम और सेवा आपके द्वार जैसी योजनाएं दूरदराज के इलाकों में अवसर, संसाधन और उम्मीद लेकर पहुंच रही हैं, जिससे राष्ट्रीय एकता की डोर और मजबूत हो रही है।
राज्यपाल ने कहा कि भारत की सबसे बड़ी ताकत इसकी विविधता है, जिसे तिरंगा खूबसूरती से दर्शाता है। उन्होंने हर घर तिरंगा अभियान की सराहना करते हुए कहा कि यह न केवल हर घर में राष्ट्रध्वज पहुंचा रहा है, बल्कि इसे फहराना देश के प्रति व्यक्तिगत संकल्प का प्रतीक बना रहा है। उन्होंने लोगों से तिरंगे के आदर्शों पर चलने, एकता को मजबूत करने और एकजुट होकर आगे बढ़ने की अपील की।
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सीएम और राज्यपाल ने किया तिरंगा मेले का उद्घाटन
इससे पहले राज्यपाल और मुख्यमंत्री ने तिरंगा मेला का भी उद्घाटन किया, जिसमें राज्य के विभिन्न हिस्सों से आए स्व-सहायता समूहों ने भाग लिया। राज्यपाल ने इन समूहों से वस्तुएं खरीदकर उन्हें प्रोत्साहित किया। मुख्यमंत्री पेमा खांडू ने लोगों से तिरंगा महोत्सव में उत्साहपूर्वक भाग लेने का आह्वान किया और कहा कि यह पर्व स्वतंत्रता सेनानियों को सम्मान देने और नई पीढ़ी को प्रेरित करने के लिए मनाया जाता है।
राज्य के मुख्य सचिव मनीष गुप्ता ने सप्ताहभर चलने वाले इस उत्सव की जानकारी दी, जिसमें स्वच्छता और स्वच्छ जल अभियान भी शामिल हैं। तिरंगा महोत्सव का आयोजन कला एवं संस्कृति विभाग, अरुणाचल प्रदेश सरकार द्वारा ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज विभाग के सहयोग से, भारत सरकार के संस्कृति मंत्रालय के अंतर्गत किया गया। कार्यक्रम में विभाग के कलाकारों ने देशभक्ति से ओतप्रोत गीतों की प्रस्तुति दी, जिनकी गूंज ने पूरे माहौल
को राष्ट्रप्रेम के रंग में रंग दिया।