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अरुणाचल को कब मिलेगी राहत: बारिश से त्राहिमाम कर रहा पूर्वोत्तर का इलाका, IMD ने नई चेतावनी में क्या कहा?

Sat, 27 Jun 2026 06:40 PM IST
राकेश कुमार पीटीआई, ईटानगर।

सार

अरुणाचल प्रदेश के केयी पन्योर जिले में आई अचानक बाढ़ से अब तक दो लोगों की मौत हो चुकी है और तीन लोग लापता हैं। मौसम विभाग ने रविवार के लिए तीन जिलों में 'रेड अलर्ट' जारी करते हुए भारी बारिश की चेतावनी दी है। क्या आने वाले दिनों में मौसम सुधरेगा और प्रभावित परिवारों को इस भीषण तबाही से राहत मिल पाएगी?
 
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अरुणाचल में बादल फटने के बाद का भयावह मंजर - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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पूर्वोत्तर का राज्य अरुणाचल प्रदेश इस समय भीषण प्राकृतिक आपदा से जूझ रहा है। भारी बारिश और अचानक आई बाढ़ ने जनजीवन को पूरी तरह तहस-नहस कर दिया है। केयी पन्योर जिले में बादल फटने के बाद आई तबाही में मरने वालों का आंकड़ा बढ़कर अब दो हो गया है। शनिवार को मलबे से एक और महिला का शव बरामद किया गया है। मौसम विभाग ने आने वाले दिनों के लिए बेहद डरावनी चेतावनी जारी की है। क्या यह आफत अभी और बढ़ेगी? प्रशासन इस आपदा से निपटने के लिए क्या कदम उठा रहा है?
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मलबे से मिला एक और शव, रेस्क्यू ऑपरेशन तेज
इस आपदा ने शनिवार को उस वक्त और दर्दनाक रूप ले लिया, जब एनईईपीसीओ कॉलोनी में मलबे के नीचे से 30 वर्षीय बल्लारी मारक उर्फ ओलिन सिंकली का शव निकाला गया। वह मूल रूप से मेघालय के री-भोई जिले की रहने वाली थी। जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी बेरु दुलम ने इस मौत की पुष्टि की है। बुधवार सुबह आई इस अचानक बाढ़ के बाद से पांच लोग लापता थे। अब तक दो महिलाओं के शव मिल चुके हैं, जबकि तीन लोग अब भी लापता हैं। लापता लोगों को तलाशने के लिए एनडीआरएफ, एसडीआरएफ, जिला पुलिस और स्थानीय वॉलेंटियर्स की टीमें जुटी हुई हैं। राहत कार्यों को गति देने के लिए भारतीय वायुसेना और नागरिक उड्डयन के हेलीकॉप्टरों की मदद ली जा रही है। क्या लापता लोगों को सुरक्षित बचाया जा सकेगा? यह सवाल हर किसी के जेहन में है।

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तबाही की पांच बड़ी बातें
  1. दो मौतों की पुष्टि: बाढ़ और भूस्खलन के कारण अब तक दो लोगों की जान जा चुकी है।
  2. मलबे में तब्दील आशियाने: एनईईपीसीओ कॉलोनी में करीब 30 घर पूरी तरह से बह गए या नष्ट हो गए हैं।
  3. सैकड़ों परिवार प्रभावित: पोस्सा और पिटापूल इलाकों को मिलाकर कुल 128 परिवार इस आपदा की चपेट में आए हैं।
  4. राहत शिविरों का सहारा: बेघर हुए 60 लोगों ने एनईईपीसीओ परिसर में बने राहत शिविर में शरण ली है।
  5. यातायात की स्थिति: पोतिन-किमिन रोड और होज-सागली मार्ग को साफ करके फिलहाल हल्के वाहनों के लिए खोल दिया गया है।
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कब थमेगी यह आफत?
क्या अरुणाचल को इस तबाही से जल्द राहत मिलेगी? मौसम विभाग के अनुमान तो कुछ और ही इशारा कर रहे हैं। आईएमडी ने रविवार से राज्य के कई हिस्सों में अत्यधिक भारी बारिश, आकाशीय बिजली और गरज-चमक की चेतावनी दी है। लोअर सियांग, वेस्ट सियांग और ईस्ट सियांग जिलों के लिए 'रेड अलर्ट' जारी किया गया है। सोमवार को भी मध्य और पूर्वी अरुणाचल में भारी बारिश का दौर जारी रहेगा। लोअर दिबांग वैली के लिए 'ऑरेंज अलर्ट' जारी है। हालांकि, मंगलवार से बारिश की रफ्तार थोड़ी कम होने की उम्मीद है। बुधवार और गुरुवार से मौसम में सुधार होने की संभावना जताई गई है। प्रशासन ने लोगों को सतर्क रहने के निर्देश दिए हैं।
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