अरुणाचल प्रदेश पर चीनी दावों को खारिज करते हुए, मुख्यमंत्री पेमा खांडू ने मंगलवार को कहा कि उन्हें समझ में नहीं आता कि चीन किस आधार पर ऐसे दावे करता रहता है, जबकि सदियों से राज्य भारतीय संघ का अविभाज्य हिस्सा रहा है।
समाचार एजेंसी को एक साक्षात्कार में, सीएम खांडू ने कहा कि क्या अरुणाचल के बारे में ऐसा कुछ है, जो ये सबित करे कि दूर-दूर तक इसका चीन से कोई लेना-देना है? मुझे नहीं पता कि चीन किस आधार पर अरुणाचल पर ये दावे करता है।
सदियों से, हम भारत से जुड़े रहे हैं। जब भी चीन ने हमारे राज्य के बारे में निराधार दावे किए तो विदेश मंत्रालय ने उचित प्रतिक्रिया दी। अरुणाचल प्रदेश के लोग देश में सबसे अधिक देशभक्त हैं। जब वे मेहमानों का स्वागत करते हैं, तो वे जय हिंद का नारा लगाते हैं।
अगले 10 सालों में अरुणाचल का अच्छा प्रदर्शन
राज्य की आर्थिक वृद्धि के लिए राज्य सरकार की योजनाओं पर खांडू ने कहा कि उन्होंने अगले 10 वर्षों में अरुणाचल को देश में राजस्व सृजन के मामले में सबसे अच्छा प्रदर्शन करने वाला राज्य बनाने पर ध्यान केंद्रित किया है।
खांडू ने कहा कि हमारा लक्ष्य अगले 10 वर्षों में अरुणाचल को देश में राजस्व सृजन के मामले में सबसे अच्छा प्रदर्शन करने वाला राज्य बनाना है। हमारा राज्य संसाधनों के मामले में प्रचुर है।
सीएम ने कहा कि अरुणाचल प्रदेश पूर्वोत्तर का सबसे बड़ा राज्य है और भूटान (250 किमी), तिब्बत-चीन (1200 किमी) और म्यांमार (550 किमी) के साथ अंतरराष्ट्रीय सीमाएं साझा करता है।
पीएम मोदी का किया धन्यवाद
इससे पहले, अरुणाचल प्रदेश सरकार के लिए विकास एक बड़ी चुनौती थी, लेकिन पिछले 9 वर्षों में, हमने बुनियादी ढांचे, कनेक्टिविटी (सड़क कनेक्टिविटी, रेलवे कनेक्टिविटी, हवाई अड्डे, वायुमार्ग कनेक्टिविटी, डिजिटल कनेक्टिविटी) के मामले में परिवर्तनकारी बदलाव देखा है और मैं इसके लिए प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी को धन्यवाद देता हूं।
खांडू ने आगे कहा कि कनेक्टिविटी का सबसे महत्वपूर्ण घटक सड़क कनेक्टिविटी है। हमने 1,700 किमी की पिछली ट्रांस-अरुणाचल राजमार्ग परियोजना लगभग पूरी कर ली है। अब जिले डबल लेन हाईवे से जुड़ गये हैं। 2,500 किलोमीटर लंबे भविष्य के राष्ट्रीय राजमार्ग पर काम इस साल से शुरू हो जाएगा। इनमें से, फ्रंटियर हाईवे 1,500 किमी तक फैला होगा और इंटरकनेक्टिविटी 1000 किमी की होगी।
उन्होंने कहा कि फ्रंटियर हाईवे असंबद्ध सीमा क्षेत्रों को जोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। इससे न केवल स्थानीय ग्रामीणों को लाभ होगा बल्कि सेना और आईटीबीपी जैसे हमारे सीमा सुरक्षा बलों को भी मदद मिलेगी। यह एक बहुत ही भविष्योन्मुखी परियोजना है और हमारे राज्य के लिए गेम चेंजर साबित होगी। इससे हमारे पर्यटन क्षेत्र को भी मदद मिलेगी।
एक हजार से अधिक 4जी टॉवरों की मिली मंजूरी
राज्य में मोबाइल कनेक्टिविटी पर पेमा खांडू ने कहा कि लंबी अवधि की कनेक्टिविटी के लिए राज्य सरकार पहले ही केबल के जरिए योजना बना चुकी है, लेकिन तत्काल कनेक्टिविटी के लिए प्रधानमंत्री मोदी ने अरुणाचल प्रदेश के लिए 1 हजार से अधिक 4जी मोबाइल नेटवर्क टॉवरों को मंजूरी दे दी है और इस पर काम चल रहा है। पूरे प्रदेश में इन्हें लगाने का काम शुरू हो गया है।
सीएम ने कहा कि सीमावर्ती क्षेत्रों में कई 4जी टावर सक्रिय कर दिए गए हैं। हमने कंपनियों से शेष टावरों की स्थापना छह महीने के भीतर पूरा करने को कहा है ताकि हम रक्षा कर्मियों और स्थानीय ग्रामीणों को डिजिटल कनेक्टिविटी के माध्यम से जोड़ सकें। अरुणाचल प्रदेश संसाधनों के मामले में भी बहुत समृद्ध राज्य है। 2015 में, राज्य की जीडीपी लगभग 20,000 करोड़ रुपये थी और अब यह लगभग 40,000 करोड़ रुपये तक पहुंच गई है।