भारतीय सेना की गजराज कोर ने अरुणाचल प्रदेश के पश्चिम कामेंग जिले के आरआर हिल क्षेत्र से एक घायल पुलिस कॉन्स्टेबल को बचाया। रक्षा जनसंपर्क अधिकारी लेफ्टिनेंट कर्नल महेंद्र रावत ने बताया कि सूचना मिलते ही 20-21 अगस्त की रात अभियान चलाया गया।
घने जंगल और कठिन रास्तों को पार कर टीम ने मौके पर पहुंचकर प्राथमिक इलाज दिया और जवान को असम के तेजपुर अस्पताल ले गई। घायल कॉन्स्टेबल की पहचान सांगे फुंत्सो के रूप में हुई है। वह पश्चिम कामेंग एसपी ऑफिस में तैनात है। पुलिस के अनुसार, वह अन्य अधिकारियों संग जियोटैगिंग कार्य के दौरान फिसलकर खाई में गिर गए थे।
पुलिसकर्मी को गंभीर रूप से चोट लगी थी और उसका सिर की हड्डी टूट गई थी। इस त्वरित और समन्वित मानवीय प्रयास ने न सिर्फ एक जिंदगी बचाई बल्कि सेना, पुलिस और नागरिक प्रशासन के बीच तालमेल और भरोसे की मिसाल भी पेश की। यह भारतीय सेना की उस भावना को दर्शाता है, जहां "स्वयं से पहले सेवा" सर्वोपरि है।
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भारतीय सेना ने घायल पुलिसकर्मी के शीघ्र स्वास्थ्य लाभ की कामना की है। इस अभियान ने एक बार फिर यह साबित कर दिया कि उत्तर-पूर्व के लोगों के लिए भारतीय सेना आश्वासन और मजबूती का स्तंभ है, जो सेवा, मानवता और राष्ट्रीय दायित्व की उच्चतम परंपराओं को आगे बढ़ाती है।